यमराज के दर्शनों के लिए मरने की जरूरत नहीं, यहां साक्षात दर्शन दे रहे हैं मौत के देवता

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यमराज के दर्शनों के लिए मरने की जरूरत नहीं, यहां साक्षात दर्शन दे रहे हैं मौत के देवता : कहते हैं कि मरने के बाद मनुष्य को एक न एक दिन यमराज के पास जाना ही है। क्या आपको पता है कि आप जीवित रहकर भी यमराज तक पहुंच सकते हैं। चौंकने की जरूरत नहीं है, बता दें कि देहरादून जिले में विकासनगर के डाकपत्थर में यमराज का मंदिर बना है और यहां पर आप यमराज के दर्शन कर सकते हैं।

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इस मंदिर न केवल आप यमराज के दर्शन कर मन्नतें मांग सकते हैं, बल्कि उनकी बहन मां यमुना और सचिव चित्रगुप्त की भी पूजा अर्चना कर सकते हैं। मंदिर को रुड़की के दीनबंधु चेरिटेबल ट्रस्ट ने बनाया है।

यमराज के दर्शनों के लिए मरने की जरूरत नहीं, यहां साक्षात दर्शन दे रहे हैं मौत के देवता
यमराज के दर्शनों के लिए मरने की जरूरत नहीं, यहां साक्षात दर्शन दे रहे हैं मौत के देवता

दरअसल, मौत के देवता कहे जाने वाले यमराज का नाम लेने से ही लोग डरते हैं, पूजा-अर्चना करना तो दूर की बात है। शायद यही खौफ है कि देश में भगवान यमराज का हिमाचल के भरमौर को छोड़कर कहीं भी मंदिर नहीं है और यहां भी श्रद्धालु जाने से बचते हैं।

इस सब के बावजूद दीनबंधु चैरिटेबल ट्रस्ट रुड़की के संस्थापक महावीर प्रसाद गुप्ता ने डाकपत्थर में यमराज के मंदिर का निर्माण करवाया है। उनकी मानें तो उन्हें मार्च 2015 में मां दुर्गा सपने आई, जिन्होंने उन्हें मंदिर बनाने के निर्देश दिए।

UK के इस प्राचीन मंदिर में देवताओं के साथ होती है दानव की भी पूजा

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यमुना के तट पर बने इस मंदिर में यमराज की मूर्ति के साथ उनकी बहन यमुना और सचिव चित्रगुप्त की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। स्थानीय लोग भी भगवान यमराज के इस मंदिर को लेकर खासे उत्साहित हैं। स्थानीय निवासी अभिषेक वाजपेयी की मानें तो राज्य में भगवान यमराज का यह पहला मंदिर है।

यमराज के दर्शनों के लिए मरने की जरूरत नहीं, यहां साक्षात दर्शन दे रहे हैं मौत (मृत्यु) के देवता

 

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