पीएम मोदी का ‘दिल है कि मानता नहीं’…इकरार भी और इनकार भी !

2475

narendra_modi_israil
Source: ITN

दुनियाभर के कई देशों का दौरा कर चुके पीएम मोदी इजरायल दौरे पर जाना चाहते हैं लेकिन चाहकर भी वो उस देश का दौरा नहीं पाते…आखिर क्यों ?

New Delhi: लोकसभा चुनावों के बाद सत्ता में आने के बाद से पीएम मोदी ने हमेशा ही विदेश नीति पर अच्छा खासा जोर दिया है। इस बात को उन्होंने तक साबित भी किया जब अपने कार्यकाल के शुरुआती 20 महीनों में उन्होंने दुनिया के करीब 30 देशों का दौरा किया। उन्होंने मंगोलिया जैसे देश में भी अपनी दस्तक दी जहां आज तक कोई भी पीएम दौरा करने नहीं गया। लेकिन इन सबके बीच इजरायल को लेकर मोदी पसोपेश में हैं। वो इजरायल तो जाना चाहते हैं लेकिन चाहकर भी नहीं जा पाते। आखिर ऐसी क्या वजह है कि मोदी इजरायल का दौरा नहीं कर पा रहे हैं। क्या वजह है कि मन में इजरायल जाने का सपना पाले मोदी बार बार कदम बढ़ाने के बाद भी रुक जाते हैं। इसकी कुछ वजहें हैं जिन्हें आपका जानना बेहद जरूरी है।

आकर्षक ऑफर के लिए यहाँ क्लिक करें

दरअसल भारत सरकार नहीं चाहती कि इजरायल दौरे को लेकर हिंदुस्तान के भीतर और दुनिया के बाकी मुस्लिम देशों में कोई अफवाह जैसा हालात पैदा हो। यहा आपको ये भी बता दें कि भारत और इजरायल के बीच डिफेंस, साइंस, टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, साइबर सिक्योरिटी और एजुकेशन के क्षेत्र में काफी गहरे संबंध हैं। ये ही वो वजह है कि इजरायल के साथ भारत अपने द्विपक्षीय संबंधों को ठंडा बस्ते में नहीं डालना चाहता है। इस बीच भारत इजरायल का समर्थक और अरब विरोधी छवि रखने से भी दूर रहना चाहता है। इजरायल के संबंध अपने पड़ोसी देशों जैसे फिलीस्तीन, मिस्र, लेबनान, जॉर्डन के साथ अच्चे रिश्ते नहीं हैं। इसके साथ ही इजरायल अपनी मुस्लिम विरोधी छवि के चलते अरब देशों से दुश्मनी भी मोल ले चुका है।

यह भी पढ़ें: जापान ने कहा, पीएम मोदी की दोस्ती की वजह से कर रहा हूं यह डील

अरब देशों की इजरायल से दुश्मनी भी भारत की चिंता का कारँ है क्योंकि भारत ज्यादातर कच्चे तेलों को अरब देशों से ही इंपोर्ट करता है। इसके अलावा भारतीय लोगों की एक बड़ी तादाद अरब देशों में काम करती है। ऐसे में इजरायल का दौरा पर पीएम मोदी मुस्लिम देशों से संबंध बिगाड़ना नहीं चाहते। इस बात से साफ होता है कि भारत चाहकर भी इजरायल के साथ खुलकर दोस्ती का ऐलान नहीं कर पाता। इससे पहले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इजरायल की यात्रा कर चुके हैं लेकिन उसके तुरंत बाद वो फिलिस्तीन दौरे पर भी गए। फिलिस्तीन का दौरा कर प्रणब और सुषमा स्वराज ने एक संतुलित कदम उठाया था। लेकिन सवाल ये है कि मध्य पूर्व के कई देशों का दौरा करने वाले मोदी ने अब तक इजरायल यात्रा क्यों नहीं की ?

हालांकि प्रणब और सुषमा की इजरायल यात्रा के बाद उम्मीद थी कि मोदी भी इजरायल का  दौरा करेंगे लेकिन विदेश नीति ने उन्हें इसकी इजाजत नहीं दती। ये बात अलग है कि इजरायल के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वहां आने का न्यौता भी दे चुके हैं। कहा जा रहा है कि मोदी की इजरायल यात्रा का रोडमैप अब  इजरायली पीएम बेंजामिन नेतनयाहू ही तैयार करेंगे। माना जा रहा है कि बेंजामिन पहले भारत आएंगे हालांकि इजरायल की तरफ से अभी इसकी आधिकारिक घोषणा बाकी है। गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान भी मोदी इजरायल की तारीफ कर चुके हैं। भारत और इजरायल के बीच करोड़ों डॉलर के हथियारों का सौदा होता है। दोनों देशों के बीच मिलिट्री एक्सपोर्ट और द्विपक्षीय ट्रेड करीब 4.52 बिलियन है। ऐसे में अब पीएम मोदी को ही निर्धारित करना होगा कि इजरायल जाएं या ना जाएं। ( सभार: ITN )

पीएम मोदी का ‘दिल है कि मानता नहीं’…इकरार भी और इनकार भी !!

loading...