कद्दावर नेता विजय रुपानी को चुना गया गुजरात का नया मुख्यमंत्री

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अहमदाबाद, 4 अगस्त: बीजेपी विधायक और गुजरात के कद्दावर नेता विजय रुपानी को गुजरात का अगला मुख्यमंत्री चुना गया है, आज गुजरात विधायक दल की मीटिंग में मुख्यमंत्री पद के लिए विजय रुपानी के नाम पर मुहर लग गयी, नितिन गडकरी ने उनके नाम की घोषणा की, वहीँ गुजरात के वरिष्ठ नेता और स्वस्थ्य मंत्री नितिन पटेल को उप-मुख्यमंत्री पद के लिए चुना गया है।

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इससे पहले नितिन पटेल के मुख्यमंत्री बनने के कयास लगाए जा रहे थे लेकिन विजय रुपानी के लम्बे समय तक आरएसएस और ABVP से जुड़े होने के कारण इस पद के लिए उन्हें वरीयता मिली। विजय रुपानी पेशे से एक वकील भी हैं।

पढ़ें: विजय रुपानी में क्या है ख़ास

  • अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् से अपना कैरियर शुरू किया
  • 1971 में उन्होने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसके बाद जनसंघ ज्वाइन किया
  • बीजेपी की स्थापना के समय से ही पार्टी से जुड़े रहे हैं
  • आपातकाल के समय जेल जाने वाले गुजरात के एकमात्र मंत्री हैं
  • राजकोट के मेयर भी रह चुके हैं
  • राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं
  • लम्बे समय से गुजरात के सभी मुख्यमंत्रियों के साथ काम करने का अनुभव है
  • नरेन्द्र मोदी से भी उनकी काफी अच्छे रिश्ते हैं
  • नरेन्द्र मोदी के समय वे गुजरात फाइनेंस बोर्ड के चेयरमैन थे
  • विजय रुपानी 19 अक्टूबर 2014 को राजकोट वेस्ट से उप-चुनाव जीतकर विधायक बने
  • उससे पहले वे राज्य सभा सदस्य थे
  • आनंदीबेन के पहले कैबिनेट विस्तार में विजय रुपानी को मंत्री बनाया गया
  • उनके पास ट्रांसपोर्ट, वाटर सप्लाई, लेबर और रोजगार मंत्रालय था
  • अब वे गुजरात के मुख्यमंत्री बन चुके हैं
  • अभी शपथ लेना बाकी है, जल्द ही उनके शपथग्रहण की तारीख घोषित की जाएगी

इससे पहले आनंदीबेन का उत्तराधिकारी चुनने के लिए अमित शाह गुरुवार की सुबह अहमदाबाद पहुंच गए। उन्होंने संगठन के राष्ट्रीय सचिव (संगठन) वी. सतीश और गुजरात मामलों के प्रभारी महासचिव दिनेश शर्मा के साथ अपने आवास पर लंबी बैठक की।

शाह के आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं प्रदेश सरकार के प्रवक्ता नितिन पटेल सहित राज्य के नेताओं ने भी भाग लिया।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विजय रूपानी ने अधिक समय पार्टी के मुख्यालय में गुजारा जहां नेतागण आपसी बातचीत में मशगूल रहे।

बाद में नितिन पटेल अर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 फीसदी कोटा निर्धारित करने के मुद्दे पर राज्य सरकार की स्थिति स्पष्ट करने मीडिया के समक्ष आए। इस प्रावधान को गुजरात उच्च न्यायालय ने दिन में पहले ही खारिज कर दिया था।

इस बीच रूपानी ने दोहराया कि अगला मुख्यमंत्री तय करने के लिए पार्टी के विधायकों की शुक्रवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय कमलम् में बैठक होगी। सूत्रों का कहना है कि शपथ ग्रहण समारोह सात अगस्त को होने की संभावना है।

रूपानी ने ही अप्रैल में पार्टी मुख्यालय में सरकार की ओर से 10 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की थी। उस समय आनंदीबेन पटेल और नितिन पटेल दोनों मौजूद थे।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “कोटा के मुद्दे पर रूपानी को सरकार की ओर से बयान देना चाहिए था लेनिक उनकी जगह आज नितिन पटेल आए।”

एक अन्य वरिष्ठ नेता ने आईएएनएस को बताया, “नितिन पटेल न्यायसंगत चुनाव हैं। वह वरिष्ठतम मंत्री हैं, पटेल हैं और उत्तरी गुजरात मेहसाणा से हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह का गृह जिला है। वरिष्ठतम मंत्री का चुनाव किसी गुटबाजी की चिंता को खत्म कर देगा।”

मोदी वर्ष 2014 में जब दिल्ली गए तो नितिन पटेल को मुख्यमंत्री के रूप में प्रभार लेने का प्रस्ताव मिला था लेकिन आनंदीबेन पटेल ने उन्हें अंतिम समय में पछाड़ दिया।

अमित शाह को गुजरात का नेतृत्व संभालने के लिए सबसे आदर्श उम्मीदवार माना जा रहा है लेकिन पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह पार्टी अध्यक्ष बने रहेंगे। इसके बावजूद शाह के नाम की यहां चर्चा चल रही है।

बाद में सूत्रों ने कहा कि अमित शाह नितिन गडकरी और सरोज पांडेय की मौजूदगी में शुक्रवार को विधायकों की बैठक की केवल अध्यक्षता करेंगे।

करीब आधा दर्जन नामों पर चर्चा हुई। इनमें नितिन पटेल और विजय रूपानी प्रमुख पसंद के रूप में उभरे। बाद में रूपानी पार्टी कार्यालय में संवाददाताओं से बात करते रहे जबकि नितिन पटेल शाह के साथ व्यस्त रहे।

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