‘पाक भारत के संयम को अधिक समय तक हल्के में लेने की गलती न करे’

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वाशिंगटन: अमेरिका के एक समाचार पत्र ने दावा किया है कि पाकिस्तान रणनीतिक संयम की भारत की नीति को अधिक समय तक हल्के में लेने की गलती न करे और यदि इस्लामाबाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग के प्रस्ताव को खारिज कर देता है तो यह देश को अछूत राष्ट्र बनाने की दिशा में एक कदम होगा।

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‘पाक भारत के संयम को अधिक समय तक हल्के में लेने की गलती न करे’

वाल स्ट्रीट जर्नल में कल एक लेख में कहा गया, मोदी अभी संयम बरत रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान लगातार इसे हल्के में लेने की गलती न करे। यदि सहयोग का मोदी का प्रस्ताव ठुकरा दिया जाता है तो यह पाकिस्तान को पहले से भी अधिक अछूत राष्ट्र बनाने की दिशा में एक कदम होगा। इसने आगाह किया, यदि :पाकिस्तानी: सेना सीमा पार हथियार एवं आतंकी भेजना जारी रखती है तो भारत के प्रधानमंत्री के पास कार्रवाई करने के लिए मजबूत स्पष्टीकरण होगा।

वाल स्ट्रीट जर्नल ने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर नैतिकतापूर्ण व्यवहार करने के लिए भारत का सम्मानजनक दर्जा है लेकिन पूर्ववर्ती कांग्रेस एवं भाजपा सरकारों में स्पष्ट रूप से इसे दिखाने का साहस नहीं था।

बता दें, 18 सितम्बर को उड़ी के सेना शिविर पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने कड़ा रुख अपना रखा है। इस आतंकी हमले में सेना के 18 जवान शहीद हो गए थे। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को जिम्मेदार ठहराया था। मोदी ने इस हमले के बाद कहा था कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।

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