जानिए आखिर क्यों इतनी विदेशी यात्रायें कर रहे है पीएम नरेंद्र मोदी

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प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने बहुत विदेश की यात्रायें की है। देश के अलग-अलग पार्टी के अलग-अलग नेताओं ने प्रधानमन्त्री मोदी पर टिप्पणीयां की है, और इस सब से मोदी सपोर्टर और मोदी विरोधी भी अनजान नहीं है। प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के विरोधियों ने इसकी हर तरह से उपेक्षा की है। हर किसी के लिए ये समझ से परे है कि “देश में जीना और देश के लिए जीना” इन दोनों बातों में बहुत फर्क है। हम सभी जानते है कि प्रधानमन्त्री आये दिन विदेश यात्राओं के दौरें पर रहते है। लेकिन वो जीते देश के लिए ही है। देश के विकास के लिए जी-जान से दिन-रात मेहनत करते है।

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प्रधानमन्त्री विदेशों में रह रहे भारतीयों से भी जुड़े रहना चाहते है।

प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी सिर्फ अपने देश के भारतीयों से ही नहीं बल्कि विदेशों में रह रहे भारतीयों से जुड़े रहना उनका मकसद है। वे विदेशों में भारतीयों को एक भारतीय होने की पहचान कराते है। वे बताते है कि हमारा देश बदल रहा है, अब आगे बढ़ने लगा है। प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरों से भारत का कद ऊँचा हुआ है। उनके दौरों से विदेश में रहने वाले भारतीय, अपने भारतीय होने पर गर्व महसूस करते है। उन्होंने विदेशों में कई शानदार सभाएं की है।

एक सरकारी रिपोर्ट ने ये दावा किया है कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों ने 2014 में 70 अरब डॉलर भारत भेजे है। और ये राशी इससे पिछले साल 35 अरब डॉलर रही थी। मोदी के दौरों से भारत में विदेशी मुद्राओं का भंडार हुआ है।

जिन देशों से भारतीय विदेशों से भारत में पैसे भेजते है, उनमें सब से ज्यादा दुबई, सऊदी अरब, क़तर, अमेरिका, और ब्रिटेन से आते है। प्रधानमन्त्री का विदेशों में उनके दौरें करना का मकसद ये भी शामिल है की भारतीय मूल के विदेशी अपने देश में निवेश करे। जहाँ तक सवाल है सबसे ज्यादा भारत में निवेश करने वाले देश मोरिशस, ब्रिटेन और सिंगापूर है।

प्रधानमन्त्री के इतने विदेशी यात्रायें करने का मकसद भारत में ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा करना है। आयात को कम तथा निर्यात को बढ़ावा देने का मकसद है। इसलिए यह कहने में कोई हर्ज नहीं की प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी देश में नहीं अपने देश के लिए

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