…इसलिए मोदी सरकार ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के सबूत नहीं करेगी पेश!

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नई दिल्ली। #UriAttack के बाद भारतीय सेना ने पीओके में घुसकर #SurgicalStrike किया। इस दौरान सेना ने कई आतंकियों को मार गिराया। सर्जिकल स्ट्राइक की बात को पाकिस्तान गलत बता रहा है। वहीं मोदी सरकार का कहना है कि सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान वीडियो भी बनाया था। जिसे अब विपक्षी पार्टी जारी करने की मांग कर रही हैं।

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…इसलिए मोदी सरकार ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के सबूत नहीं करेगी पेश!

#SurgicalStrike का वीडियो नहीं किया जाएगा जारी

मोदी सरकार #SurgicalStrike के दौरान बने वीडियो को जारी करने के पक्ष में नहीं है। बताया जा रहा है कि सरकार का कहना है रिकॉर्डिंग करने का उद्देश्य राजनीतिक नहीं रणनीतिक है। सरकार किसी तरह के राजनीतिक दबाव में फंसना नहीं चाहती।

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90 मिनट की है वीडियो फुटेज

एक वेबसाइड के मुताबिक सर्जिकल स्ट्राइक की कुल 90 मिनट की वीडियो फुटेज है जो हमला करने गए कमांडोज के हेलमेट में लगे कैमरे से ली जा रही थीं। ऑपरेशन के दौरान कमांडोज के हेलमेट में थर्मल इमेंजिग और नाइटविजन कैमरे लगे थे। इसके साथ ही सेना की उत्तरी कमान ने साउथ ब्लॉक स्थित सेना मुख्यालय को 25-30 अहम फोटो भेजे गए।

सुरक्षा के लिए नहीं जारी किया जाएगा #SurgicalStrike का वीडियो

सेना इन सबूतों को सार्वजनिक करने के पक्ष में नहीं हैं क्योंकि इससे सेना की प्लानिंग के बाद हुए ऑपरेशन की जानकारी दुश्मन को मिल जाएगी। जैसे कहां से कमांडो ने पीओके में एलओसी क्रॉस की, लॉन्चिंग पैड तक पहुंचने में क्या रूट लिया गया।

विपक्षियों ने सबूत पेश करने की मांग की

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत पेश करने की अपील की थी। वहीं कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी सेना पर भरोसा तो जताया लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक की वीडियो जारी करने की मांग कर दी।

बता दें कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद आतंकियों ने एक बार फिर बारामूला सैनिक कैंप पर हमला किया इस दौरान एक जवान शहीद हो गया।

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