नोट बैन से रियल एस्टेट सेक्टर को नुकसान, घर खरीदारों को होगा फायदा

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नई दिल्लीः 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने का असर रियल एस्टेट सेक्टर में भी देखने को मिल सकता है. रियल एस्टेट सेक्टर में अक्सर ब्लैक मनी होने की बात कही जाती है. जानते हैं कि आखिर इस सेक्टर की शक्लोसूरत पर आखिर नोटबंदी का क्या असर होगा?

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विक्ट्री वन के डायरेक्टर संदीप अग्रवाल नॉएडा एक्सटेंशन में अपनी साइट पर इस समय चिंता में डूबे हुए हैं. उनकी चिंता है कि काम कर रहे 250 के आस पास लेबर को शाम को कहाँ से पेमेंट करेंगे? डीजल के लिए पैसे न होने की वजह से ट्रैक्टर और जेसीबी के पहिए थम गए हैं क्योंकि इन्हें चलाने वाले ड्राइवर डेली वेज पर काम करते हैं. अगर थोडा टाइम देती सरकार तो मैनेज कर सकते थे. लेकिन, अब काम करना बेहद मुश्किल है. इसका सीधा असर पजेशन पर पड़ेगा. प्रॉजेक्ट टाइम पर डिलीवर करने में दिक्कत आ सकती है.

इसी तरीके की समस्याओं का हवाला देते हुए अन्य बिल्डर भी परेशान हैं. लेकिन, 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने से ग्राहकों को फायदा भी हो सकता है. जी हां, ज्यादातर छोटे शहरों और बड़े शहरों की प्राइवेट ज़मीनों की कीमत कम हो सकती है. छोटे शहरों में आने वाले दिनों में जमीनों के रेट कम हो सकते हैं. 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने के चलते इन शहरों में जो प्राइवेट ज़मीनें हैं, उनकी कीमत गिर सकती हैं.

कुछ जगहों पर ज़मीन की कीमतों में 25 फीसदी तक की कमी आ सकती है. दरअसल, 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने से रियल एस्टेट में जो काला धन लगा हुआ था वो खत्म हो जाएगा. इस वजह से जमीनों की कीमत कम हो सकती है. काला धन लगे होने की वजह से बहुत सी जगह पर सर्किल रेट से कई गुना ज्यादा रेट पर ज़मीनें बिक रही थीं. लेकिन, अब ब्लैकमनी इस सिस्टम से बाहर होने से इन ज़मीनों की कीमत 25 फीसदी तक कम हो सकती हैं.

अकेले सुरेश गर्ग ही नहीं बल्कि दबी जुबान में कई बिल्डरों ने ये कुबूल किया है कि ज़मीनों की कीमत आने वाले दिनों में कम हो सकती है. नरेडको के यूपी सचिव सुधीर अग्रवाल भी इस बात से इत्तेफाक रखते हैं कि छोटे शहरों में ज़मीनों की कीमत कम हो सकती है.

बिल्डर्स की मानें तो सरकार के 500 और 1000 रुपये के नोट को बंद करने के फैसले से रियल एस्टेट को हाई पहुंचेगा. वहीं इस फैसले से जल्द तो नहीं लेकिन प्रॉपर्टी के दामों में और होम लोन की ब्याज दरों में भी कमी आएगी. केंद्र सरकार के 500 और 1000 रुपये के नोट को चलन में बंद कर दिया है. कल
रात के बाद ये नोट अब चलन में नहीं है. सरकार का कहना है की इसे काले धन को रोकने में मदद मिलेगी. वहीं इस फ़ैसले से रियल एस्टटे पर कितना असर पड़ेगा. डेवेलपर और बिल्डर्स की मानें तो इस फैसले से रियल एस्टेट को काफी फायदा होगा.

दिल्ली एनसीआर के कई बिल्डर का मानना है कि इस फैसले से जो प्राइमरी बायर है उसे फयदा होगा. यानी वो ख़रीदार जो बिल्डर से घर ख़रीदता है अपने रहने के लिए उसे लाभ होगा. इस फैसले के बाद बैंकों में पैसे जमा होंगे जिससे लिक्विडिटी होगी और बैंक इसका फायदा होम लोन के ग्राहकों को कम ब्याज दर के तौर पर देगी.

डेवलेपर्स के मुताबिक प्रॉपर्टी के दाम कम होने का फायदा सिर्फ नए ग्राहकों को होगा. माना जा रहा है कि ज़मीन के दाम काम होंगे और ज़मीन सस्ती होगी. बैंक में जमा हो रहे पैसे से लिक्विडिटी बड़ेगी और आगे चल कर इसे बैंक होम लोन की ब्याज दर कम करेंगे. ना सिर्फ़ होम लोन की ब्याज दरें कम होंगी बल्कि डेवेलपर्स और बिल्डर को मिलने वाले लोन की दरें कम होंगी. ज़मीन की कीमतें कम होने से मकान की कीमतें भी कम होंगी. मुनाफ़े के लिए निवेश करने वाले निवेशक जो मुनाफ़े के लिए आते वो कम होंगे. इसे भी दामों पर असर पड़ेगा. पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी, जिसे सरकार को भी फ़ायदा होगा. हालांकि ये सब कुछ तुरंत नहीं होगा बल्कि कुछ वक्त लगेगा. वहीं डिवेलपर का ये भी कहना है की इसे आनेवाले दिनो में ज़मीन की क़ीमतें भी कम होंगी. जिसे मकानो की क़ीमतों पर भी फर्क पड़ेगा.

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