जहाँ पड़े श्रीराम के चरण वहां रामायण सर्किट का निर्माण कर रही है मोदी सरकार

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रामायण सर्किट । अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण जब भी शुरू हो फिलहाल मोदी सरकार ने राम की कहानी लोगों तक पहुंचाने के लिए रामायण सर्किट बनाने का फैसला किया है। यूपी में चुनाव से पहले 245 करोड़ खर्च करके मोदी सरकार अयोध्या में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देन की तैयारी कर चुकी है।

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रामायण सर्किट के चेयरमैन रामअवतार शर्मा , डॉ बिन्देश्वरी पाठक , व अन्य सांसद रामायण सर्किट के विषय में समझाते हुए

अयोध्या में आध्यात्मिक पर्यटन पर 245 करोड़ खर्च करेगी सरकार

अयोध्या में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार 245 करोड़ कर्च करके रामायण सर्किट विकसित करेगी। यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र इस महत्वपूर्ण सरकारी फैसला माना जा रहा है।

अयोध्या में राम मंदिर और बाबरी मस्जिद का विवाद कभी पुराना और और इस फैसले से नया विवाद खड़ा हो सकता है। दशकों से ये विवाद अदालत में है और राजनीति का बड़ा मुद्दा बना हुआ है।

अंग्रेजी अखबार मेलटुडे से बातचीत में पर्यटन विभाग की उपमहानिदेशक भारती कश्यप शर्मा ने कहा कि आध्यात्मिक पर्यटन के लिए चार शहरों की पहचान की गई है और इसमें अयोध्या खास है।

रामायण सर्किट
रामायण सर्किट

पर्यटन विभाग की उच्च स्तरीय बैठक हुई

उन्होंने कहा कि पर्यटन मंत्रालय इन जगहों पर मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने की तैयारी कर रहा है ताकि लोगों को इनसे जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि अयोध्या के बारे में यूपी सरकार से भी सुझाव मांगे गए हैं। उन्होंने कहा कि हमने इस बारे में एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की है और इस पर यूपी सरकार की भी सैद्धांतिक सहमति जरूरी है।

उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन स्कीम के तहत रामायण सर्किट के लिए राष्ट्रीय पैनल की पहली बैठक पर्यटन मंत्री महेश शर्मा की अध्यक्षता में 14 जून को हो चुकी है। इसमें इन क्षेत्रों में विकास और पर्यटन की संभावनाओं को और विकसित करने पर जोर दिया गया था।

रामायण सर्किट
रामायण सर्किट

 वेदों के अनुसार सरयू (घाघरा) के तट पर बसे अयोध्या की स्थापना 9000 साल पहले मनु ने की थी। अयोध्या को सूर्यवंश की राजधानी माना जाता है। जिसके सबसे बड़े राजा राम हुए हैं। अयोध्या में हिन्दू संगठन वहीं पर राम मंदिर बनाना चाहते हैं जहां 16वीं सदी में बाबर द्वारा बनाई गई मस्जिद 1992 में तोड़ दी गई थी।

रामायण सर्किट में कौन कौन से शहर होंगे शामिल

रामायण सर्किट में 11 स्थानों पर फोकस किया गया है। इनमें अयोध्या, नंदीग्राम, श्रृंग्वेरपुर और चित्रकूट यूपी में है। पहले दौर में इन चार स्थानों पर फोकस किया जाएगा।

इसके अलावा बिहार के सीतामढ़ी, बक्सर और दरभंगा, छत्तीसगढ़ में जगदलपुर, तेलंगाना में भद्राचलम्, कर्नाटक में हंपी और तमिलनाडु के रामेश्वरम् को भी दूसरे चरण में रामायण सर्किट में जोड़ा जाएगा।

हालांकि विशेषज्ञ समिति ने इस सर्किट में मध्यप्रदेश के चित्रकूट, महाराष्ट्र के नाशिक और नागपुर और ओड़िशा के महेन्द्रगिरि को भी जोड़ने का सुझाव दिया है।

रामायण सर्किट
रामायण सर्किट

क्या होगा रामायण सर्किट में

रामायण सर्किट में वाल्मीकि और तुलसी रामायण के हिसाब से भगवान राम के जीवन से जुड़ी घटनाओं को समावेशित किया जाएगा। इसे लेकर राम गैलरी की स्थापना होगी जिसमें बाल कांड, अयोध्या कांड, अरण्य कांड, किष्किंधा कांड, सुंदर कांड, लंका कांड, उत्तर कांड, लव-कुश कांड और राम दरबार की जानकारी दी जाएगी।

इसके लिए वॉल पेंटिंग होगी, वाल्मीकि और तुलसी रामायण को दर्शाया जाएगा। इसके लिए ऑडियो-विजुअल माध्यम और एनिमेशन का भी इस्तेमाल किया जाएगा। ताकि यहां आने वाले लोगों को धार्मिक माहौल में पूरी जानकारी दी जा सके।

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रामायण-सर्किट स्वदेश दर्शन – संकल्प समारोह

23 जुलाई को आम जन मानस को इस योजना के बारे में जानकारी देने व सहभागिता प्राप्त करने के उद्देश्य से दिल्ली में रामायण-सर्किट स्वदेश दर्शन – संकल्प समारोह आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता डॉ बिन्देश्वरी पाठक तथा रामजी की यात्रा के 290 पड़ावों की खोज करने वाले रामअवतार शर्मा भी थे

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