योगी आदित्यनाथ से जुड़ी पॉजिटिव एवं निगेटिव बातें

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यूपी में आगामी 2017 में विधानसभा चुनावों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी की ओर सीएम कैंडीडेट के रूप में गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ एक विशेष धर्म की पहली पसंद बने हुए हैं। दरअसल इसकी वजह से योगी का बेबाक अंदाज, निडर स्वभाव और कट्टरता। लेकिन हम आपको अपनी इस विशेष रिपोर्ट में बताएंगे कि कौन हैं योगी? क्यों बड़ी फॉलोइंग होते हुए भी योगी से एक खेमा बंटकर खड़ा है?
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हालांकि इस बात को सीधे तौर पर शायद ही कोई स्वीकार करे लेकिन वन इंडिया के साथ बातचीत में कई अहम् खुलासे हुए। पेश है ये रिपोर्ट-

जन्म, शिक्षा और आगे कि जिंदगी

लोगों की मानें तो जिस तरह से पीएम की लोकप्रियता है उसी तर्ज पर हिंदू धर्म के लोगों के बीच योगी का सम्मान स्थापित है। योगी आदित्यनाथ का वास्तविक नाम अजय सिंह है। उनका जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड में हुआ, उन्होंने गढ़वाल विश्विद्यालय से गणित में बीएससी किया है। वो गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर के महंत हैं। आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर के पूर्व महंत अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी हैं। वो हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक भी हैं।

अब आईये आपको बताते हैं कि योगी आदित्यनाथ क्यों हैं लोगों की पसंद-

1- लोगों का मानना है कि योगी जाति विशेष के विकास को मद्दनेजर न रखते हुए हिंदुत्व को आगे बढ़ाने पर फोकस करते हैं।
2- कुछ लोगों का यह भी कहना है कि योगी आदित्यनाथ के बारे में एक सांप्रदायिक नेता होने की हवा बना दी गई है जबकि ऐसा नहीं है। वे हर धर्म का आदर करते हैं, हां यदि अन्याय हो रहा है तो निश्चित ही उसकी मुखालिफत करना गलत नहीं है।
3- माना जाता है कि योगी को पसंद करने वालों में सबसे बड़ा खेमा युवाओं का है, जिसकी वजह है योगी का बेबाक अंदाज, निडर स्वभाव।
4- कट्टर सोच की वजह से भी योगी को यूपी का एक बड़ा वर्ग रोचक नजरों से देखता है।
5- कहीं न कहीं ध्रुवीकरण की वजह से ही भाजपा को लोकसभा चुनावों में यूपी से 80 में 71 सीटें मिलीं। और योगी को ध्रुवीकरण कराने में माहिर माना जाता है. इस वजह से भी योगी आदित्यनाथ पहली पसंद बने हुए हैं।

योगी को नापसंद करने वाले भी कई लोग हैं। और वजहें क्या हैं ये भी जानिए-

1- सबसे बड़ी वजह है योगी आदित्यनाथ के द्वारा दिए गए विवादित बयान, जिसकी वजह से योगी पीएम मोदी के लिए भी सिरदर्द बने हुए हैं। लेकिन यूपी में योगी की लोकप्रियता की वजह से उन्हें सार्वजनिक तौर पर कभी कुछ नहीं कहा गया।
2- कट्टर सोच के लिए जहां एक बड़े वर्ग में पसंद किए जाते हैं वहीं एक वर्ग इसी वजह से उन्हें नापसंद भी करता है।
3- कुछ लोगों का मानना यह भी है कि यदि योगी सीएम बन गए तो कहीं ऐसा न हो कि वे भाजपा में हावी हो जाएं।
4- वहीं कुछ का मत यह है कि भले ही योगी हिंदुत्व के प्रति कट्टर हों लेकिन वे ब्राह्मण वर्ग के हितैषी नहीं हैं।
5- योगी को लेकर उनके ही खेमे के नेताओं ने दबी जुबान में यह भी कहा कि यदि योगी आएंगे तो हमारा क्या होगा। मतलब साफ है कि योगी परिवारवाद में यकीन नहीं करते, जिसकी वजह से कुछ लोग उन्हें नापसंद करते हैं।

हालांकि जानकारी के मुताबिक संघ का एक प्रभावशाली हिस्सा मानता है कि योगी आदित्यनाथ को भाजपा की ओर से सीएम कैंडीडेट बनाना अचूक दांव हो सकता है। लेकिन योगी का नाम सीएम पद की उम्मीदवारी के लिए आगे बढ़ाना कुछ लोगों के गले से नीचे नहीं उतर रहा। जबकि सूबे का एक बड़ा वर्ग योगी के नाम पर भाजपा की जीत का तरह तरह से आंकलन करने में भी जुटा है। देखना यह है कि भारतीय जनता पार्टी किस विकल्प पर अपनी मुहर लगाती है।<

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