GST पर PM मोदी ने कहा, ग्राहक ही राजा होगा, मिलेगी सुरक्षा की गारंटी

301

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में पेश जीएसटी बिल पर बयान दिया है। इससे पहले सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी बिल को संविधान संशोधन बिल चर्चा के लिए पेश किया। जेटली ने इस बिल को राज्यसभा में पास कराने के लिए सभी पार्टियों का शुक्रिया भी अदा किया किया। वहीं GST पर PM मोदी ने कहा इस बिल से ग्राहक ही राजा होगा।

आकर्षक ऑफर के लिए यहाँ क्लिक करें

narendra-modi-dolphin-post.jpg

GST पर PM मोदी बोले, बदल देगा भारत का व्‍यापार

जीएसटी बिल पर आम सहमति के लिए पीएम मोदी ने सभी दलों को हार्दिक धन्यवाद दिया।

पीएम मोदी ने कहा टैक्स टेररिज्म से मुक्ति की दिशा में अहम कदम है जीएसटी बिल।

GST पर PM मोदी  ने कहा कि 90 राजनीतिक दलों ने मंथन कर हमें यहां तक पहुंचाया।

जीएसटी बिल पर कामयाबी पर पहले की सभी सरकारों का भी बड़ा योगदान है

जीएसटी बिल पर कौन जीता या कौन हारा का सवाल व्यर्थ है।

जीएसटी बिल का मतलब है कि ‘ग्रेट स्टेप टुवार्ड्स ट्रांसफॉर्मेशन’ और ‘ग्रेट स्टेप टुवार्ड्स ट्रांसपेरेंसी’ इन इंडिया।

यह सही है कि किसी राजनीतिक दल ने इसका विचार किया और कई राजनीतिक दलों ने इसमें सुधार किया।

एक देश में, एक मंच, एक मत, एक मंत्र और एक कर बन कर उभरा है जीएसटी बिल।

राज्यसभा में जीएसटी बिल पर वोटिंग में हम अंकगणित में कमजोर होते हुए सबकी मदद से आगे बढ़े।

GST पर PM मोदी  ने कहा, राज्यों का केंद्र पर भरोसा बढ़ा. लोकतंत्र की जीत है यह. यह सिर्फ बहुमत की नहीं सहमति की यात्रा है।

जीएसटी बिल को हमने से किसी ने भी राजनीतिक मत को शिकार न होकर राष्ट्रनीति को महत्व दिया।

बिल को लेकर शिकायतों के बावजूद सभी दलों ने इस पर आगे बढ़कर देश की भलाई को लेकर अहम कदम उठाया।

हम जीएसटी पर बहुमत के आधार पर नहीं आम राय के आधार पर आगे बढ़ना चाहते थे।

जीएसटी बिल का मतलब कंज्यूमर इज किंग।

इस बिल की वजह से छोटे उत्पादकों को सुरक्षा की गारंटी मिलेगी।

कंज्यूमर की मजबूती से ही देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

मैन, मशीन, मैटेरियल, मनी और मिनट्स का ऑप्टिमम इस्तेमाल से देश में अवसरों की बाढ़ आएगी।

जीएसटी बिल से करों में एकरुपता आएगी।

देश में हर राज्य एक-दूसरे से जुड़े होकर ही कारोबार करते हैं।

राज्यों के बीच में होने वाली कारोबारी कठिनाइयों को दूर करने में जीएसटी बिल से मदद मिलेगी।

एक कर से देश के राज्यों की आय बढ़ेगी।

देश के पूर्वी राज्यों को आगे बढ़ाकर ही हम एक साथ मजबूत हो सकेंगे।

देश के सपनों को पूरा करने में हमें गति मिलेगी. हम पश्चिमी देशों की तरक्की के मुकाबले में आ सकेंगे।

जीएसटी बिल लागू होने के बाद आम जनता इसका अधिक फायदा उठा पाएंगे।

केंद्र और राज्य के संघीय ढांचे में भरोसा होना सबसे बड़ी चीज।

गरीबों के काम आने वाली फूड और दवाओं की तमाम चीजें जीएसटी के दायरे से बाहर।

रेवेन्यू और फिस्कल डेफिसिट में संतुलन लाने में भी मदद करेगी जीएसटी बिल।

ग्रोथ, इन्फ्लेशन और ब्याज दरों को लेकर होने वाली चर्चाओं का कानूनन समाधान होगा।

रिजर्व बैंक से कहा गया है कि महंगाई दर को 4 फीसदी तक रोकें।

देश में गरीबी के खिलाफ लड़ने की इच्छा हम सबकी है।

जीएसटी बिल की मदद से गरीबों की फौज खुद कोशिश कर गरीबी से बाहर आ सकती है।

महंगाई दर स्थिर होने से देश का विकास होगा. छोटे कारोबारियों को लोन लेने में मदद मिलेगी।

जीएसटी बिल की वजह से सहज धन आएगा तो मैन्यूफैक्चरिंग की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी तो देश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. इससे बड़े पैमाने पर गरीबी खत्म होगी।

जीएसटी बिल की सबसे बड़ी ताकत है टेक्नोलॉजी. इसकी मदद से भ्रष्टाचार खत्म किया जा सकेगा।

भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए व्यवस्था में परिवर्तन जरूरी।

हमारे यहां कच्चा बिल, पक्का बिल के फासले को खत्म किया जा सकेगा।

GST पर PM मोदी ने कहा, टैक्स कलेक्शन में लगी बड़ी फौज कम होगी. इससे बचा खर्च गरीबी से लड़ने में लगाई जा सकेगी।

बीते एक दशक का सबसे बड़ा रिफॉर्म

जीएसटी को आर्थ‍िक मोर्चे पर मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि‍ बताया जा रहा है। जेटली ने इसे पिछले एक दशक का सबसे बड़ा इकनॉमिक रिफॉर्म करार दिया था। जीएसटी बिल पर लगभग सभी राजनीति दलों ने अपना समर्थन जताया है। 1991 के बाद सबसे बड़े आर्थिक सुधारों की शुरुआत करने वाला जीएसटी विधेयक निचले सदन में भी आसानी से पारित हो जाने की संभावना है।

मजबूत लोकतंत्र की वजह से बनी केंद्र-राज्य की सहमति

बिल पेश करते हुए जेटली ने कहा कि 2011 में लाए गए जीएसटी बिल में राज्यों के घाटे की भरपाई का प्रावधान नहीं था। उन्होंने बताया कि निर्माण और उत्पादन में लगे राज्यों को राजस्व घाटे की चिंता थी। साथ ही जीएसटी काउंसिल के स्वरूप पर भी विवाद था। उन्होंने कहा कि मजबूत लोकतंत्र के कारण ही इस बिल पर केंद्र और राज्यों की सहमति संभव हुई है।

loading...