15 दिनों में पायें Kidney Transplant से छुटकारा, इस काढ़ा से…. जनहित हेतु शेयर करें

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अनुभव :  मैं किडनी ट्रांसप्लांट से कैसे बचा। How I Avoid Kidney Transplant

15 दिनों में पायें Kidney Transplant से छुटकारा, इस काढ़ा से : जिन लोगो को डॉकटरो ने Kidney Transplant की सलाह दी हो, या डायलसिस चल रहा हो तो उन्हे Kidney Transplant करवाने के पहले इस दवा का प्रयोग जरूर करके देखना चाहिए हो सकता है कि ट्रांसप्लांट की नौबत ना आए। बता रहे हैं Mr. Om Prakash जिनको यही समस्या 2009 में आई थी, और डॉक्टर ने उनको Kidney Transplant करने के लिए बोल दिया था। तो उन्होंने ना ही सिर्फ अपनी किडनी को स्वस्थ किया बल्कि ऐसे अनेक लोगो को भी इसका दम्भ झेलने से बचाया।

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Kidney Transplant
Kidney Transplant

Kidney Transplant करवाना बहुत महंगा हैं, और कुछ लोग तो ये अफोर्ड नहीं कर सकते, और जो कर भी सकते हैं तो Kidney Transplant के बाद पहले जैसा जीवन नहीं बन पाता। मैं 17 अक्टोबर 2009 से किडनी की समस्या से झूझ रहा था अप्रैल 2012 मे मुंम्बई के नानावाती हॉस्पिटल के डॉक्टर शरद शेठ से ट्रांसप्लांट की बात भी तय हो चुकी थी लेकिन इसी दरमियान अखिल भारतीय शिक्षकेतर कर्मचारी संघ के महासचिव डॉक्टर आर बी सिंह से मुलाकात हो गई और उन्होने कहा की यह काढ़ा 15 दिन पीने के बाद अपना फैसला लेना है के आपको क्या करना है, मैने उनकी बात मानकर काढ़े का उपयोग किया और एक हफ्ते के बाद चलने फिरने मे सक्षम हो गया तब से में अभी तक पूरी तरह से स्वस्थ महसूस कर रहा हूँ कोई दवा भी नही लेता हूँ और ना ही कोई खाने पीने का परहेज ही करता हूँ, और ना ही किसी प्रकार की कमजोरी महसूस करता हु।

तो कौन सा हैं वो काढ़ा आइये जानते हैं?

काढ़ा बनाने की विधि

250 ग्राम गोखरू कांटा (ये आपको पंसारी से मिल जायेगा) लेकर 4 लीटर पानी मे उबालिए जब पानी एक लीटर रह जाए तो पानी छानकर एक बोतल मे रख लीजिए और कांटा फेंक दीजिए। इस काढे को सुबह शाम खाली पेट हल्का सा गुनगुना करके 100 ग्राम के करीब पीजिए। शाम को खाली पेट का मतलब है दोपहर के भोजन के 5, 6 घंटे के बाद। काढ़ा पीने के एक घंटे के बाद ही कुछ खाइए और अपनी पहले की दवाई ख़ान पान का रोटिन पूर्ववत ही रखिए।
15 दिन के अंदर यदि आपके अंदर अभूतपूर्व परिवर्तन हो जाए तो डॉक्टर की सलाह लेकर दवा बंद कर दीजिए।जैसे जैसे आपके अंदर सुधार होगा काढे की मात्रा कम कर सकते है या दो बार की बजाए एक बार भी कर सकते है। मुझे उम्मीद है की ट्रांसप्लांट का विचार त्याग देंगे जैसा मैने किया है।

मेरा ये अनुभव नवभारत टाइम्स में भी छप चूका हैं। जिसके बाद मुझे बहुत फोन आये और 3-400 लोगो को मैंने ये बताया भी। जिसमे से 90 % से ऊपर लोगो को आराम मिला।

और अगर आप भी ये प्रयोग करना चाहे तो निश्चिन्त हो कर करिये और अगर ऊपर लिखा हुआ समझ में ना आये या किसी प्रकार की शंका हो तो कृपया एक बार नजदीकी वैद्य/आयुर्वेदाचार्य से सलाह जरूर ले (कृपया प्रमाणीकृत आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श जरूर ले)

आपको आराम मिले तो आप दूसरे भाइयो को भी इसी प्रकार बताइये। और अपनी यथा शक्ति धन की सेवा किसी नज़दीकी गौशाला में कीजिये। गाय से बड़ा कोई पुण्य नहीं हैं। नेक कर्म ही साथ जाएंगे।

स्त्रोत : सिर्फ आयुर्वेद

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