मोदी सरकार का सख्त रुख, अलगाववादी नेताओं के खिलाफ होगी कार्रवाई

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मोदी सरकार का सख्त रुख, अलगाववादी नेताओं के खिलाफ होगी कार्रवाई श्रीनगर। कश्मीर हिंसा को देखते हुए मोदी सरकार अब वहां के अलगाववादी नेताओं के खिलाफ सख्ती का मन बना लिया है। बताया जा रहा है कि अब उनके पासपोर्ट जब्त हो सकते हैं। साथ ही उस सभी की जेड सिक्योरिटी भी वापस ली जा सकती है।

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मोदी सरकार का सख्त रुख, अलगाववादी नेताओं के खिलाफ होगी कार्रवाई
मोदी सरकार का सख्त रुख, अलगाववादी नेताओं के खिलाफ होगी कार्रवाई

कश्मीर हिंसा को देखते हुए अब होगी सख्ती

कश्मीर हिंसा में अलगाववादी नेताओं पर आरोप लगे हैं। श्रीनगर में मिलने आए सर्वदलीय टीम के साथ खराब बर्ताव किया था। बातचीत में शामिल नहीं हुए थे। उसी के बाद  मोदी सरकार सख्ती से पेश आ रही है।

गृह मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक राज्य और केंद्र सरकार हुर्रियत नेताओं की यात्रा, होटल और सुरक्षा पर 100 करोड़ रुपये से अधिक सालाना खर्च करती है। सरकारी पैसे से अलगाववादी फाइव स्टार होटलों में ठहरते हैं और सरकारी गाड़ियों में घूमते हैं। लगभग एक हजार सरकारी सुरक्षाकर्मी सालभर उनकी सुरक्षा में तैनात रहते हैं। यहां तक कि सरकार सालाना उनके खाने-पीने के करोड़ों रुपये का बिल भी अदा करती है।

अलगाववादी नेता अब नहीं जा सकते हैं पाकिस्तान

अलगाववादी नेताओं के पासपोर्ट जब्त किए जा सकते हैं। पासपोर्ट रद्द होने का मतलब ये है कि अलगाववादी नेता पाकिस्तान जा नहीं पाएंगे। अलगाववादी हुर्रियत क्रॉन्फ्रेंस के नेता सैयद अली शाह गिलानी, यासीन मलिक और मीर वाइज उमर फारुख को मिली जेड सिक्योरिटी की सुरक्षा भी छिन जाएगी। बैंक खातों की भी छानबीन होगी। मतलब सरकार छानबीन करेगी कि इनके बैंक अकाउंट में पैसे आते कहां से हैं, जाते कहां से हैं। जिन जिन के खिलाफ केस लंबित हैं उसकी जांच पूरी की जाएगी।

सर्वदलीय टीम के आने से पहले सैयद अली शाह गिलानी के बेटे नईम गिलानी पर एनआईए ने शिकंजा कसा हुआ है। नईम पर आतंकी संगठन हिजबुल के सैयद सलाउद्दीन से पैसे लेने का आरोप लगा है।

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