साध्वी प्राची ने की आदित्यनाथ की वकालत, कहा ‘देश में मोदी, प्रदेश में योगी’

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बीजेपी नेता और हिंदुत्व छवि के लिए मशहूर साध्वी प्राची ने उत्तर प्रदेश विधनसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ को बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाने की वकालत की है. Dolphin Post के साथ विशेष बातचीत में साध्वी प्राची ने ओवैसी, राहुल गांधी, केजरीवाल, मुलायम सिंह, केसी त्यागी और मायावती सरीखे नेताओं पर जमकर हमला बोला. प्रस्तुत हैं उनसे बातचीत के मुख्‍य अंश-

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साध्वी प्राची (Photo Source: Indian Rxpress/Tashi Tobgyal)
साध्वी प्राची (Photo Source: Indian Rxpress/Tashi Tobgyal)

* आपके हिसाब से उत्तर प्रदेश में बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री पद का  दावेदार कौन होना चााहिए?

– हिंदुओं के साथ उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा छलावा हो रहा है. ऐसी विषम परिस्थितियों में हिंदुओं के पास मात्र एक ही विकल्प है योगी आदित्यनाथ. उत्तर प्रदेश में अगर योगी आदित्यनाथ को सीएम पद का उम्मीदवार बनाया जाता है तो पूर्ण बहुमत के साथ बीजेपी की सरकार बनेगी. जैसे ‘देश में मोदी, प्रदेश में योगी’.

बीजेपी में राजनाथ सिंह, वरुण गांधी जैसे चेहरा हैंं, फिर भी योगी आदित्यनाथ को ही क्यों आप मुख्यमंत्री पद के लिए बेहतर मानती हैं?

-हमारी पार्टी में चेहरों की कमी नहीं है, लेकिन उत्तर प्रदेश के युवाओं की आवाज योगी आदित्यनाथ हैं. रामपुर कांड हुआ, मुजफ्फर नगर कांड हुआ, दादरी कांड हुआ, जहां-जहां हिंदुओं के साथ अन्याय हुआ, योगी आदित्यनाथ हमेशा हिंदुओं के साथ पूरी तत्परता के साथ खडे़ रहे हैं. ‘उत्तरप्रदेश की मजबूरी है, योगी आदित्यनाथ जरूरी है.’

मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुसलमीन (एमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के बारे में क्या राय है आपकी, उनकी क्या भूमिका रहेगी?

-ओवैसी के लिए तो मैंने पहले भी कहा है कि सदन में एक-दो आतंकी बैठे हैं तो मुझे राज्यसभा से मानहानि का नोटिस मिला. मैने नोटिस का जवाब भी दिया, लेकिन कुछ नेताओं ने मुझे निशाना बनाकर समिति के सामने पेश होने को कहा औऱ मैं पेश भी हुई. जहां जदयू नेता केसी त्यागी ने मुझ पर दवाब बनाया कि ‘आप मांफी मांगिए, सदन की गरिमा का हनन हुआ है.’

केसी त्यागी के अलावा, केजरीवाल, राहुल, मायावती और लालू जैसे लोगों की राजनीति को आप किस तरह से देखती हैं?

– ये सभी ‘शेर की खाल में भेड़िये’ हैं, जो चुनाव में जनता के बीच जाते हैं तो हिंदुओं के वोट से मना नहीं करते हैं. ये हिंदुओं के वोट जातिगत आधार पर मांगते हैं, लेकिन जब हिंदुओं पर अन्याय होता है तो ये हिंदुओं को भूल जाते हैं.

चाहे कैराना हो या कांदला, सम्बल हो या रामपुर, आजमगढ़ हो या आगरा, जब हिंदुओं पर अन्याय होता है तो इनकी सेक्यूलर छवि लेकर आते हैं. तब इन्हें हिंदुओं के प्रति अन्याय नहीं दिखता है. जब अखलाक मारा जाता है तो ये लोग छाती पीट-पीट कर रोते हैं.

आप इन नेताओं पर ‘शेर की खाल में भेड़िया’ का आरोप किस आधार पर लगा रही हैं?

बांग्लादेश में प्रतिदिन हिंदू मारे जा रहे हैं, 40 पुजारियों की हत्या हो गई, शुक्रवार को आतंकियों ने कई लोगों को बंधक बना लिया तब तो इनमें से किसी के आंसू नहीं बह रहे हैं, लेकिन एक अखलाक मरा तो छाती पीट-पीट कर रो रहे थे. अब कहां गए इनके आंसू. किस बिल में घुस गए ये भेड़िये. मैं ये बात इसीलिए कह रही हूं कि हिंदुओं के साथ छलावा नहीं किया जाए.

एनआईए द्वारा हैदराबाद से पकड़े गए आईएस के  संदिग्ध आतंकियों को ओवैसी ने कानूनी मदद देने की घोषणा की है, इसे आप किस तरह से देखती हैं?

-मैं तो पहले ही कह चुकी हूं कि सदन में एक-दो आतंकी बैठे हैं. तब मायावती, केसी त्यागी जैसे नेताओं ने कहा था कि ‘साध्वी पर कार्रवाई होनी चाहिए’. आज इनसे पूछना चाहिए कि जो लोग आतंकवादियों को फंडिंग करने की बात करते हैं, वो आतंकवादी नहीं तो और कौन हैं. ऐसे लोगों को सरेआम चौराहे पर खड़ा कर फांसी की सजा दे देनी चाहिए.

प्र- सरकार आपकी पार्टी की है, गृह मंत्री बीजेपी के कद्दावर नेता हैं, क्या आपने इस बाबत शिकायत की है?

उ- मेरी बात हुई है. मैंंने गृह मंत्री से मिलने का समय मांगा है. गृह मंत्रालय इनके बयान के बाद से पूरी तरह इन पर नजर बनाए हुए है. मैं दो-चार दिनों में गृह मंत्री से मिलने का प्रयास करूंगी. उनके सामने ओवैसी को लेकर अपनी बात रखूंगी.

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