जानियें : वीरप्पन को मौत की नींद सुलाने वाले IPS अफसर की अनसुनी कहानी

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वीरप्पन को मौत की नींद सुलाने वाले IPS अफसर की अनसुनी कहानी : देश की बागडोर असल मायने में अफसरों के हाथ में होती है. यदि नौकरशाही दुरुस्त हो तो कानून-व्यवस्था चाकचौबंद रहती है. जिस तरह से भ्रष्टाचार का दीमक नौकरशाही को खोखला किए जा रहा है, लोगों का उससे विश्वास उठता जा रहा है. लेकिन कुछ ऐसे भी IAS और IPS अफसर हैं, जो अपनी साख बचाए हुए हैं. उनके कारनामे आज मिशाल के तौर पर पेश किए जा रहे हैं.

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वीरप्पन को मौत की नींद सुलाने वाले IPS अफसर की अनसुनी कहानी
वीरप्पन को मौत की नींद सुलाने वाले IPS अफसर की अनसुनी कहानी

आज पेश है कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन को मौत की नींद सुलाने वाले IPS अफसर विजय कुमार की कहानी.

IPS अफसर विजय कुमार की दिलचस्प कहानी

  • कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन का एनकाउंटर करने वाले के. विजय कुमार का जन्म 15 सितंबर 1950 को हुआ था.
  • उनके पिता कृष्णन नायर रिटायर्ड पुलिस अफसर थे. उनकी मां कौशल्या गृहणी थीं.
  • विजय ने सेंट जोसेफ कॉलेज, तिरुचिरापल्ली से ग्रैजुएशन और मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से पोस्ट ग्रैजुएशन पूरा किया था.
  • वह बचपन से ही अपने पिता से प्रेरित थे. इस वजह से वह आईपीएस बनने का सपना देखते थे.
  • साल 1975 में तमिलनाडु कैडर में आईपीएस बनने के बाद स्पेशल सिक्युरिटी ग्रुप में उन्होंने सर्विस की.
  • स्पेशल टास्क फोर्स में तैनाती के दौरान उन्हें चंदन तस्कर वीरप्पन को मारने का जिम्मा सौंपा गया था.
  • इसके बाद विजय कुमार कई वर्षों तक वीरप्पन की तलाश करते रहे. उन्होंने ऑपरेशन ‘कोकून’ का भी नेतृत्व किया.
  • विजयकुमार ने बन्नारी अम्मान मंदिर में कसम खाई कि जब तक वीरप्पन को पकड़ नहीं लेते तब तक सिर के बाल नहीं मुड़वाएंगे.
  • 18 अक्टूबर 2004 को उन्होंने अपने साथियों के साथ तमिलनाडु के धरमपुरी जंगल में हुए एनकाउंटर में वीरप्पन को मार दिया.
  • विजय कुमार ने इनदिनों वीरप्पन पर एक किताब लिख रहे हैं. अभी तक वो 1000 पन्ने लिख चुके हैं.

वीरप्पन को मौत की नींद सुलाने वाले IPS अफसर की अनसुनी कहानी

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