आ रही है रेलवे की नई कैटरिंग पॉलिसी, बदल जाएगा पूरा सिस्टम

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नई दिल्ली। अपनी कैटरिंग सेवाओं में भारतीय रेलवे लगातार बदलाव कर रही है। अब रेल यात्रियों के लिए खाने-पीने की सुविधाओं में रेलवे नई सौगात लाने वाली है। भारतीय रेल एक नई कैटरिंग पॉलिसी तैयार कर रही है जिसमें आपके लिए होंगे कई लजीज व्यंजन।

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इस नई पॉलिसी में खानपान की कीमतों को होलसेल इंडेक्स के जोड़ने की तैयारी की जाएगी, जिसके चलते आपको ट्रेन में कम कीमतों पर खाना मिल सकेगा। हालांकि, महंगाई बढ़ने से इसकी कीमतें अपने आप बढ़ जाएंगी। इसके अवाला रेलवे एक नया ‘ट्रेन मैन्यू’ बनाने जा रही है। इस मैन्यू को तैयार करने की जिम्मेदारी देश के मशहूर शेफ ‘संजीव कपूर’ को दी गई है।

NEW DELHI, INDIA - FEBRUARY 16: An Indian Railways waiter serves breakfast to foreign tourists onboard the early morning Shatabdi Express train from New Delhi to Agra February 16, 2008 outside of New Delhi, India. The state-owned Indian Railways runs 12,000 trains a day, covers 39,000 miles (62,750 kms) of track and is the world's second biggest rail network under single management. In the financial year ending March, 2007, Indian Railways turned a profit of more than $5 billion usd. (Photo by Robert Nickelsberg/Getty Images)

मौजूदा समय में किसी भी एक ट्रेन का संचालन करने वाली कंपनी ही खाना बनाने से लेकर उसे सप्लाई करने का भी काम करती थी। लेकिन एब इस सिस्टम में बदलाव की बात हुई है। नई पॉलिसी के अनुसार एक कंपनी ‘बेस किचन’ में खाना बनाने का जिम्मा संभालेगी। वहीं उस खान को यात्रियों तक पहुंचाने के लिए दूसरी कंपनी को हायर किया जाएगा। रेलवे का कहना है कि ऐसा करने से खाने की गुणवता बनी रहेगी। सभी जगह खाना इस बेस किचन से ही सप्लाई होने के कारण खाने का क्वालिटी चेक भी आसानी से किया जा सकेगा।

आईआरसीटीसी, सप्लाई के काम के लिए अन्य सहायक कंपनियों का सहयोग ले सकती है। लेकिन, मॉनिटिरिंग का काम आईआरसीटीसी को ही करना होगा, जो सीधे रेलवे बोर्ड के संपर्क में रहेगा।

रेलवे अब आपको बने हुए खाने के साथ-साथ, ‘रेड्डी टू ईट’ खाना भी परोसेगी। इसमें ज्यादातर राजमा-चावल, छोले-चावल, सांभर-वड़ा जैसे व्यंजन होंगे, जिन्हें गर्म करके तुरंत खाया जा सकता है। इसके अवाला, देश के करीब सभी बड़े स्टेशनों पर मौजूद ई-कैटरिंग सेवाओं में भी बदवाल होंगे। अब आप ई-कैटरिंग से किसी खास ब्रांड का खाना मंगवाने के साथ ही उस जगह का ‘लोकल फूड’ भी अपनी सीट पर मंगवा सकते हैं। तो अगर आप किसी जगह का मशहूर खाना खाना चाहते हैं तो रेलवे आपको वो सुविधा देगा।

ये नई कैटरिंग पॉलिसी राजधानी और शताब्दी जैसी ट्रेनों में ऑप्शनल कैटरिंग का विकल्प भी दे रही है। यानी अगर आप इन गाड़ियों में सफर के दौरान खाना नहीं लेना चाहते तो, आपकी टिकट से कैटरिंग चार्ज वापस लौटा दिया जाएगा। अभी तक राजधानी और शताब्दी जैसी गाड़ियों में खाने का दाम टिकट में ही जुड़ा होता है, चाहे आप खाना लें या न लें।

फिलहाल ट्रायल के तौर पर इस पॉलिसी को एक कंपनी, नई दिल्ली- मुंबई राजधानी में प्रयोग करेगी। इस समय करीब 62 ट्रेनों में आईआरसीटीसी कैटरिंग का काम करती है। जल्द ही 32 और नई ट्रेनों में कैटरिंग सुविधा होगी।

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