मुस्लिम भी छूते हैं योगी आदित्यनाथ के पैर, पढ़े पूरी ख़बर

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गोरखपुर। इस्लाम को मानने वाले किसी का पैर नहीं छूते। उनके यहां ऐसी परंपरा ही नहीं है। माता-पिता तक के पैर नहीं छुये जाते। ऐसा करना गैर इस्लामिक है। लेकिन गोरखपुर की तस्वीर ही कुछ अलग हैं। यहां भाजपा सांसद और गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ के प्रति लोगों में इतनी श्रद्धा और आस्था है कि कई मर्तबा मजहबी परंपराएं भी पीछे छूट जाती हैं।

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गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ का पैर छूने के लिए न केवल हिन्दुओं में प्रतिस्पर्धा रहती है बल्कि मुस्लिम भी उनके पैर छूकर अभिवादन करते हैं।13418735_860190857420412_8377967172695338167_n

 

इसकी एक बानगी पिछले दिनों महानगर से सटे चरगांवा इलाके के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आई। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में रसोई गैस कनेक्शन का कूपन बांटने के लिए भाजपा सांसद महंत योगी आदित्यनाथ पहुंचे थे। वह कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित थे। कनेक्शन के कूपन वितरण के दौरान कुछ मुस्लिम महिलाएं भी मंच पर आईं।

उनमें से एक महिला ने सार्वजनिक तौर पर योगी आदित्यनाथ का पैर छुआ और उनसे आशीर्वाद लिया। मंच पर हुआ यह वाकया योगी समर्थकों को भी थोड़ा अजीब लगा लेकिन महंत योगी आदित्यनाथ से नजदीकी से जुड़े लोग इसे सामान्य मानते हैं। उनका कहना है कि कई बार सार्वजनिक कार्यक्रमों में महंत को गैर मजहब के लोग भी पैर छूकर सम्मान देते हैं।

गैर इस्लामिक है

इस्लाम के अनुसार खुदा के अलावा किसी के सामने सजदा करना गैर इस्लामिक है। यहां तक कहा गया है कि मां के कदमों में जन्नत होती है लेकिन सजदा नहीं कर सकते हैं। ऐसे में किसी मुसलमान द्वारा हिन्दू महंत का पैर छूना गैर वाजिब माना जाता है लेकिन श्रद्धा के सामने सारी मान्यताएं पीछे छूट जाती हैं। कट्टर हिन्दूवादी नेता की छवि रखने वाले महंत योगी आदित्यनाथ का मुसलमानों के बीच यह सम्मान किसी को हैरत में डाल सकता है।

लोकतंत्र के महाराज

गोरक्षपीठ ने स्वतंत्र भारत को तीन सांसद दिये हैं लेकिन तीनों सांसदों को हमेशा महाराज कहके संबोधित किया गया है। संसदीय परम्परा से अलग लोग इस पीठ से जुड़े सांसदों का पैर छूकर सत्कार करते हैं। वर्तमान सांसद और गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ भी जहां कहीं जाते हैं पैर छूने वालों की लाइन लग जाती है।

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