पैलेट गन की जगह मोदी सरकार लाने जा रही है PAVA शेल्स

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नई दिल्‍ली। देश के गृह राज्‍य मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को दो दिन के कश्‍मीर दौरे से वापस आ  गए है। राजनाथ सिंह पीएम मोदी को जल्‍द ही कश्‍मीर के हालातों के बारे में रिपोर्ट देंगे। लेकिन जो खबर आ रही है वह पैलेट गन को लेकर है। राजनाथ सिंह ने कहा है कि आने वाले दिनों में पैलेट गन की जगह PAVA शेल्स का इस्तेमाल किया जाएगा।

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FILE - In this Tuesday, July 12, 2016 file photo, masked Kashmiri Muslim protesters shout pro freedom slogans in Srinagar, Indian controlled Kashmir. Roaming freely in Pakistan, despite a $10 million bounty on his head, one of India???s most wanted men, Hafiz Saeed warns of demonstrations countrywide to force Pakistan to sever all ties with the United States if it cannot convince Washington to intervene in the decades old Kashmir dispute. (AP Photo/Dar Yasin, File)
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PAVA शेल्स को बनाया जाएगा नया हथियार

कश्‍मीर में कर्फ्यू लगे 49 दिन बीत चुके हैं। कश्‍मीर घाटी में पिछले 49 दिनों से जारी हिंसा में पत्थरबाजी और प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए सुरक्षाबल पैलेट गन का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये छोटे-छोटे धातु के छर्रे होते हैं, जो शरीर में जाकर चुभ जाते हैं। इस ओर विवाद तब गहराया जब पैलेट गन से घायल कई लोगों के आंखों की रोशनी तक खोने की बात सामने आई।

सात सदस्यों की कमेटी तलाश रही विकल्प

अंग्रेजी अखबार ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की खबर के मुताबिक, गृह मंत्रालय की एक्सपर्ट कमेटी मिर्ची के गोलों को धातु के छर्रे के विकल्प के तौर पर देख रही है। हालांकि अभी इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सरकारी सूत्रों के हवाले से अखबार ने लिखा है कि गृह मंत्रालय के कुछ अधिकारियों, बीएसफ, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईआईटी-दिल्ली और ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड के 7 सदस्यों वाली कमेटी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विकल्प की तलाश रही है।

एक साल से ट्रायल पर है पावा शेल

गृह मंत्री के मुताबिक, यह पैनल जल्द ही एक अपनी रिपोर्ट सौंपेगा, जिसके बाद इस ओर आखि‍री फैसला किया जाएगा। इन पावा शेल्स को साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR) के तहत लखनऊ स्थित प्रयोगशाला में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च ने विकसित किया था। अधिकारियों ने बताया कि पावा गोले IITR में एक साल से भी ज्यादा समय से ट्रायल में हैं।

बीएसएफ ने सुझाया ये उपाय

पावा यानी पेलागॉर्निक एसिड वनीलल अमाइड को नॉनिवमाइड के नाम से भी जाना जाता है। यह प्राकृतिक काली मिर्च में पाया जाने वाला कार्बनिक यौगिक है। इसका इस्तेमाल सामने वाले व्यक्ति के शरीर में जलन पैदा कर देता है और वह कुछ न कर पाने की हालत में पहुंच जाता है। इन गोलों से ज्यादा हानि नहीं पहुंचती। हालांकि, इसके अतिरिक्त बीएसएफ के टीएसयू द्वारा बनाया गया ‘स्टन ग्रेनेड’ भी एक विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। यह टारगेट को बेहोश कर देता है और कुछ मिनट के लिए अंधा कर देता है। PAVA शेल्स एक प्रकार के मिर्ची के गोले होते हैं।

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