सैनिकों की विकलांग पेंशन घटाने की खबर निकली झूठी, मोदी सरकार तो 30 % पेंशन बढ़ाने जा रही

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बगैर जानकारी पुख्ता किए खबर ब्रेक करने के सिलसिले ने मीडिया की विश्वसनीयता को संकट में डाल दिया है। पढ़िए, प्रतिष्ठित अखबार बिजनेस ने कैसे फैलाई झूठी सूचना

The Prime Minister, Shri Narendra Modi writes in the Visitors Book at 14 Corps HQ. , at Leh on August 12, 2014.  The Chief of Army Staff, General Dalbir Singh is also seen.
File Photo: Prime Minister, Shri Narendra Modi

नई दिल्लीः युद्ध या हमले में घायल होने वाले सैनिकों की विकलांग पेंशन घटाने की खबर झूठी निकली। हैरानी की बात है कि बिजनेस स्टैंडर्ड जैसे प्रतिष्ठित अखबार के बड़े पत्रकार की ओर से यह झूठ फैलाया गया। सोशल मीडिया पर मचे हंगामे के बीच सरकार की ओर से सफाई जारी की गई है। सरकार ने कहा है कि यह खबर सरकार की छवि धूमिल करने के लिए प्रचारित की गई। जबकि सरकार ने सातवें वेतनमान के तहत14 से 30 प्रतिशत पेंशन बढ़ाने का फैसला किया है।

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कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने खूब फैलाई खबर

बिजनेस स्टैंडर्ड की ओर से बीते सोमवार को सैनिकों की विकलांग पेंशन घटाने की फर्जी खबर जारी हुई तो विरोधी दलों की मानोमुंहमागी मुराद पूरी हो गई। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सहित सभी विपक्षी दलों के आइटी सेल ने सोशल मीडिया पर कैंपेनिंग शुरू कर दी। सर्जिकल स्ट्राइक का मोदी ने दिया तोहफा जैसे शीर्षक से केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर कैंपेनिंग चली।

सरकार ने क्या दी है सफाई

केंद्र सरकार ने  सैनिकों की विकलांग पेंशन से छेड़छाड़  की बात से इन्कार किया है। कहा है कि करीब 90 प्रतिशत सैनिकों को 14 से 30 प्रतिशत पेंशन बढ़ाने की तैयारी है।  इसमें सिपाही रैंक के जवानों को सातवें वेतनमान की सिफारिशों के तहत हर महीने करीब 9282 से 12000 रपये का फायदा होगा। इसके अलावा हवलदार को 10452 से 12000 और नायक रैंक के जवानों को 9680 रुपये से लेकर 12000  तक रपये का लाभ मिलेगा। टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी केंद्र सरकार के हवाले से पेंशन घटाने की खबरों को अफवाह करार दिया है।

सातवें वेतनमान के तहत फैसले का जल्द जारी होगा ऑर्डर

केंद्र सरकार ने कहा है कि सातवें वेतनमान के तहत सैनिकों के विकलांग पेंशन को बढ़ाने की सिफारिशों स्वीकार कर ली गई हैं। इसका भारी तादाद में सैनिकों को लाभ मिलेगा। डिटेल्स के आधार पर जल्द ही सरकार इस बाबत अधिकृत आर्डर जारी करेगी।

2015 में इतने जवान हुए रिटायर

सेना के आंकड़े के मुताबिक 2015 में कुल 62311 जवान रिटायर हुए। जिसमें 60662 पीबीओआर यानी पर्सनल बिलो आफिसर रैंक  व जूनियर कमीशंड के थे जबकि 24035 नायक और हवलदार पद के 23124  जवान रहे।

क्या उड़ी थी फर्जी खबर

बिजनेस स्टैंडर्ड ने एक  शीर्ष सैन्य अफसर से कथित बातचीत के हवाले से एक रिपोर्ट जारी की थी। कहा था कि सर्जिकल स्ट्राइक के अलगे दिन 30 सितंबर को मोदी सरकार ने सैनिकों की विकलांग पेंशन घटाने का फैसला किया।  पहले युद्ध में घायल होकर 100 फीसदी विकलांग हो चुके कमांडोज को अब तक 45,200 रुपए की पेंशन नसीब थी, मगर अब18 हजार घटाकर 27,200 रुपए कर दिया गया । यही नहीं कहा गया था कि  10 साल तक सेना में रहने वाले जो मेजर 100 प्रतिशत विकलांग होकर रिटायर हुए हैं, उनकी पेंशन में 70 हजार की कटौती की गई है. 26 साल तक सेना में रहकर 100 फीसदी विकलांग होने वाले नायब सूबेदारों की पेंशन में 40 हजार रुपए की कटौती की गई है।

सभार: इंडिया संवाद 

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