इंडियन आर्मी का ये फौजी है सर्जिकल-स्ट्राइक का मास्टर-माइंड, मोदी मुरीद हैं, तो सेना भी है दीवानी..!

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LOC पार जाकर पाकिस्‍तान में सर्जिकल स्‍ट्राइक कर आतंकियों को छठी का दूध याद दिलाने वाले भारतीय सेना के जवानों को आज पूरा देश सलाम कर रहा है। लेकिन क्‍या आपको पता है कि पहले म्‍यामार और बाद में पाकिस्‍तान में सर्जिकल स्‍ट्राइक को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले इस मास्‍टर माइंड के बारे में आइए जानते हैं सेना के उस जाबांज के बारे में, जिसके मुरीद पीएम मोदी भी हैं।

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1965 की जंग हो या फिर 1971 की, भारतीय सेना के जवानों ने पाकिस्‍तान को जो जवाब दिया है, उसे पूरी दुनिया मानती है और यह जानती है कि भारतीय सेना की ताकत क्‍या है।

चाहे जल और नभ हो या फिर थल, भारतीय सेना के जवानों की ताकत चीन भी मानने लगा है, जबकि पाकिस्‍तान ये बखूबी जानता है कि भारतीय सेना से टकराना आसान नहीं है।

हाल ही में उरी में आतंकी हमले के बाद जिस तरह से भारतीय जवानों ने सर्जिकल स्‍ट्राइक कर आतंकियों के मार गिराया है और पाकिस्‍तान को करारा जवाब दिया है, उसके बाद से भारतीय सेना की प्रशंसा पूरी दुनिया में की जा रही है।

दरअसल, भारतीय सेना का यह पहला सर्जिकल स्‍ट्राइक ऑपरेशन नहीं था बल्‍कि इसके पहले म्‍यामार में भी जवानो ने ये कारनामा दिखाया था।

लेकिन जितना जरूरी यह ऑपरेशन जमीन पर था उससे भी कठिन था इसका प्‍लानिंग। हम आपको मिलाने जा रहे हैं, भारतीय सेना की ओर से किए गए सर्जिकल स्‍ट्राइक की प्‍लानिंग में अहम भूमिका निभाने वाले उस भारतीय फौजी से जो इसका मास्‍टर माइंड रहा और जिसके दिमाग का लोहा पूरी भारतीय सेना मानती है।

जी हां हम बात कर रहे हैं भारतीय सेना के डीजीएमओ यानी की डायरेक्‍टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह की। बहुत ही कम लोग जानते होंगे कि दो बार प्रेस कांफ्रेंस में पूरे देश के सामने आने वाले इस शख्‍स के दिमाग ने पूरी पाकिस्‍तानी आर्मी और आतंकियों को पानी पिला दिया।

दरअसल, 9 डोगरा बटालियन में 1980 में भर्ती हुए सिंह जून 2015 में मणिपुर के चंदेल और 18 सितंबर 2016 को हुई सर्जिकल स्‍ट्राइक में पूरा सिंह का ही दिमाग था। सिंह की इसी सैन्‍य काबिलियत को देखते हुए इंडियन आर्मी ने उन्‍हें खासतौर पर चुना।

रणबीर सिंह की योजना बनाने की काबिलियत और मिलिट्री एक्‍सपर्ट होने के चलते ही सेना ने डीजीएमओ बनाए रखने का फैसला किया और उनके लिए परपंराओं व नियमों को ताक पर रखा।

पंजाब के कपूरथला के रहने वाले सिंह मिलिट्री ऑपरेशंस की योजना बनाने में इतने कुशल हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके दीवाने हैं और उन्‍होंने म्‍यामांर के बाद एलओसी पाक में आतंकी ठिकानों पर हमला करने के लिए उन पर भरोसा जताया।

सिंह कई बार मिलिट्री ऑपरेशंस डायरेक्‍टरेट में भी रह चुके हैं, जो आर्मी की प्‍लानिंग और कार्रवाई तंत्र का बेहद अहम हिस्‍सा है।

आपको जानकर आश्‍चर्य होगा कि सरकार की ओर से बुलाई गई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी में भी सिंह शामिल किए गए जबकि सर्जिकल हमले के बारे में सटीक और संक्षिप्‍त जानकारी का काम भी उन्‍हें सौंपा गया।

source: ibn7

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