दरक रही है पूर्णागिरी शक्तिपीठ की पहाड़ी, ट्रीटमेंट योजना 9 साल से अटकी पड़ी हैं

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दरक रही है पूर्णागिरी शक्तिपीठ की पहाड़ी, ट्रीटमेंट योजना 9 साल से अटकी पड़ी : नेपाल बॉर्डर के पास चंपावत स्थित मां पूर्णागिरि धाम के मुख्य मंदिर की दरकती पहाड़ी खतरनाक स्थिति में पहुंचती जा रही है, लेकिन पहाड़ी के ट्रीटमेंट की योजना नौ साल से अटकी पड़ी है।

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लोनिवि और पर्यटन विभाग के हाथ खड़े करने के बाद न सिर्फ ट्रीटमेंट की जिम्मेदारी उत्तराखंड डिजास्टर रिकवरी प्रोजेक्ट (यूडीआरपी) को सौंपी गई है, बल्कि इसके लिए मिला बजट भी शासन को लौटा दिया गया है। अब यूडीआरपी एजेंसी इस प्रोजेक्ट के लिए नए सिरे से डीपीआर तैयार कर रही है।

मां सती के नाभी स्थल के रूप में विख्यात शक्ति पीठ मां पूर्णागिरि धाम टनकपुर के उत्तर दिशा की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं में स्थित है, जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शनों को आते हैं। देश के कोने-कोने के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में लोगों की आस्था इस धाम से जुड़ी है। इन दिनों यहां 3 महीने तक चलने वाला मेला चल रहा है।

दरक रही है पूर्णागिरी शक्तिपीठ की पहाड़ी, ट्रीटमेंट योजना 9 साल से अटकी पड़ी
दरक रही है पूर्णागिरी शक्तिपीठ की पहाड़ी, ट्रीटमेंट योजना 9 साल से अटकी पड़ी

पौराणिक काल से स्थापित धाम के मुख्य मंदिर की पहाड़ी बीते एक दशक से धीरे-धीरे दरक रही है। धाम के पुजारी, व्यापारी और प्रशासन को आस्था के इस केंद्र से कमाई की चिंता तो हैं, लेकिन इसके बचाव को लेकर वे कतई गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। नौ साल पहले पहाड़ी के ट्रीटमेंट की पहल हुई थी, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है।

जिला प्रशासन ने पहाड़ी पर लोड कम करने के लिए सुरक्षात्मक कदम उठाए हैं, लेकिन पहाड़ी के ट्रीटमेंट की योजना अब भी लटकी पड़ी है। सरकार ने साल 2007 में लोनिवि को ट्रीटमेंट की जिम्मेदारी सौंपते हुए 54.15 लाख रुपये का बजट दिया था।

दरक रही है पूर्णागिरी शक्तिपीठ की पहाड़ी, ट्रीटमेंट योजना 9 साल से अटकी पड़ी
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पांच साल तक यह बजट लोनिवि के खाते में जस का तस पड़ा रहा और बाद में कुमाऊं मंडल विकास निगम को ट्रांसफर कर दिया गया। कुमाऊं मंडल विकास निगम ने भी हाथ खड़े किए तो बजट फिर लोनिवि को ट्रांसफर किया गया।

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लोनिवि पहले ही हाथ खड़े कर चुका था, लिहाजा अब ट्रीटमेंट की जिम्मेदारी नौ साल बाद यूडीआरपी नामक संस्था को सौंपी गई है। लोनिवि के एग्जक्यूटिव इंजीनियर बीसी पंत का कहना है कि विभाग ने इस प्रोजेक्ट का बजट शासन को लौटा दिया है।

दरक रही है पूर्णागिरी शक्तिपीठ की पहाड़ी

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