मोदी सरकार में चीन की इतनी औकात नहीं कि भारतीय सीमा में सड़क बना ले !

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रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के मुताबिक भारत चीन बार्डर पर 73 मार्ग ऐसे हैं जो देश के लिए सामरिक दृष्टि से बहुत महत्‍वपूर्ण हैं। यहां सड़क निर्माण जारी है।

मोदी सरकार में चीन की इतनी औकात नहीं कि भारतीय सीमा में सड़क बना ले ! : देश के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने शुक्रवार को लोकसभा के भीतर ये स्‍पष्‍ट किया कि पिछले दो साल में चीन ने भारतीय सीमा में किसी भी सड़क का कोई निर्माण नहीं किया है। लोकसभा में प्रश्‍नकाल के दौरान उनसे इस बारे में सवाल पूछा गया था। जिसके जवाब में उन्‍होंने साफ किया कि चीन ने हमारे क्षेत्र में ऐसा कुछ नहीं किया है। मनोहर पर्रिकर ने बताया कि हमने सामरिक दृष्टि से महत्‍वपूर्ण मार्गों की पहचान की है। जहां सड़क बनाई जाएगी।

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मोदी सरकार में चीन की इतनी औकात नहीं कि भारतीय सीमा में सड़क बना ले !
मोदी सरकार में चीन की इतनी औकात नहीं कि भारतीय सीमा में सड़क बना ले !

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के मुताबिक भारत-चीन बार्डर पर  73 मार्ग ऐसे हैं जो देश के लिए सामरिक दृष्टि से बहुत महत्‍वपूर्ण हैं। इन इलाकों में बीआरओ यानी सीमा सड़क संगठन को यहां निर्माण की जिम्‍मेदारी सौंपी गई है। जिनमें से 3417 किलोमीटर लंबे 61 मार्गो पर सड़क बनाने की जिम्‍मेदारी पहले ही बीआरओ को दी चुकी है। इस काम को 2012 तक ही पूरा करने का लक्ष्‍य था। लेकिन अब  तक सिर्फ 707 किलोमीटर लंबे 22 मार्गों का ही निर्माण किया जा सका है।

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मनोहर पर्रिकर ने बताया कि 39 मार्गों के निर्माण कार्य को पूरा करने की योजना में कुछ संसोधन किए गए हैं। जिसमे पांच सड़कें इस साल बनकर तैयार हो जाएंगी। आठ नई सड़कें साल 2017 तक और 12 सड़के 2018 तक बनकर तैयारी होंगी। बाकी का काम हर हालत में 2020 तक पूरा कर लिया जाएगा। पर्रिकर का कहना है कि इन क्षेत्रो में सड़क निर्माण के लिए बजट की भी कोई समस्‍या नहीं है। पिछले साल ही इस इलाको को रक्षा मंत्रालय के अधीन ले आया गया था।

मनोहर पर्रिकर का कहना है अगर इसके लिए जरुरत बढ़ी तो मंत्रालय अनुपूरक बजट ला सकता है। इसके साथ ही उन्‍होंने कांग्रेस सदस्य गौरव गोगोई के भारत-चीन बार्डर पर बसे गांवों में बेहतर डिजिटल ब्रॉडबैंड सुविधा उपलब्ध कराने के सुझाव का भी स्‍वागत किया। गोगाई ने इस इलाके में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने का सुझाव दिया है। जाहिर है कि अगर भारत-चीन सीमा पर भारत की ओर से सड़क निर्माण पूरा कर लिया गया तो सामरिक दृष्टि से इसे भारत की जीत माना जाएगा। क्‍योंकि चीन अपने हिस्‍से को काफी डेवलप कर चुका है। जहां उसकी सेना कम समय में ज्‍यादा गोला बारुद के साथ आसानी से पहुंच सकती हैं।

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