देश को राफेल के बाद मिला सबसे शक्तिशाली हथियार – सिर्फ एक बटन दबा, पाकिस्तान तबाह

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नई दिल्ली। दिन पर दिन भारत की सैन्य शक्ति में इजाफा होता जा रहा है। हाल ही में कश्मीर में हुए #UriAttack के बाद से तो भारत अपनी ताकत बढ़ाने में जुट गया है। सरकार ने पहले राफेल डील पक्की की और अब एक नया प्रलयदूत मिल गया है। भारत को एक और प्रलयदूत हारपून मिलने वाला है। हारपून मिसाइलें जल्द ही भारत को मिल जाएंगी। अमेरिकी रक्षा विभाग ने भारत को पोत भेदी हारपून मिसाइलों की आपूर्ति करने के लिए बोइंग को आठ करोड़ 10 लाख डॉलर से अधिक की राशि का करार दिया है। हारपून मिसाइल एक एंटि-शिप गाइडेट मिसाइल है जो 124 किलोमीटर तक मार कर सकता है।

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हारपून मिसाइल को अमेरिका की कई जगहों पर बनाया जाता है

इन मिसाइलों को अमेरिका की अलग-अलग जगहों पर मैन्‍यूफैक्‍चर किया जाएगा। कुछ मिसाइलों को यूनाइटेड किंगडम में तैयार किया जाएगा। हारपून ब्‍लॉक टू बोइंग डिफेंस, स्‍पेस एंड सिक्‍योरिटी की ओर से तैयार किया जाता है। यह मिसाइल हर मौसम में लैंड-बेस्‍ड टारगेट्स को कई तरीकों से टारगेट कर सकती है। इसे समुद्री इलाकों के अलावा, जमीन से हवा में, एयरक्राफ्ट, बंदरगाह, इंडस्‍ट्रीयल इलाकों और बंदरगाहों पर खड़े नेवी की वॉरशिप्‍स से भी लांच किया जा सकता है।

जरूरी है सैन्य ताकत बढ़ाना

तनाव के मामले को अगर किनारे भी रख दें तो भारत के लिए अपनी सैन्य ताकत को बढ़ाना जरूरी था। पिछले काफी समय से देश ने कोई नया रक्षा सौदा नहीं किा था। मोदी सरकार ने सत्ता संभालने के साथ ही सेना को अत्याधुनिक हथियारों से लैस करने का काम शुरू किया।
पुराने रक्षा समझौतों को नई तेजी दे गई। इसी कड़ी में फ्रांस के साथ राफेल लड़ाकू विमानों का सौदा किया गया। जिसके तहत 2019 तक भारत को राफेल विमान मिलने लगेंगे। राफेल के आने के बाद भारत की वायुसेना की ताकत और बढ़ जाएगी। हारपून मिसाइल का जलवा अमेरिका कई देशों में दिखा चुका है। इसकी अचूकता के कायल तो सभी हैं। अब यही मिसाइल प्रल्यदूत की तरह भारत के दुश्मनों के खिलाफ इस्तेमाल की जाएगी।

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