बलूचिस्तान आज़ाद हुआ तो पहली मूर्ति नरेंद्र भाई मोदी की लगेगी : नायला कादरी

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वाराणसी : भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी वर्ष स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने भाषण में बलूचिस्तान की चर्चा कर वहां के हीरो बन चुके है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो योगदान बलूचिस्ता्न के लिए दिया है वो वहां के वासिंदे लोगों के लिए बड़ी बात है। यह हम नहीं कहते बल्कि ये कहना है बलूचिस्तान में लंबे समय से चल रहे बलोच आंदोलन की प्रमुख नायला कादरी का।

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आज 6 नवंबर के रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में नायला कादरी ने नरेंद्र मोदी के योगदान की जमकर तारीफ ही है। वाराणसी में हिंदुत्व में नवीन प्राण फूंकने वाले महामना पंडित मदनमोहन मालवीय जी द्वारा स्थापित “गंगा महासभा” द्वारा आयोजित “संस्कृति संसद” के दूसरे दिन संस्कृति संसद में पहुंची नायला कादरी ने कहा कि अगर हिंदुस्तान की वर्तमान सरकार ने अनुमति दी तो हम बलूचिस्तान की निर्वासित सरकार का गठन वाराणसी में ही किया जाएगा। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बलूचिस्तान के हीरो हैं।

संस्कृति संसद में नायला कादरी ने कहा की “हम बलोच एक कटोरे पानी के बदले में सौ साल की वफा देते हैं।” बलूचिस्तान आजाद हुआ तो वहां पहली मूर्ति नरेन्द्र भाई की लगेगी। हमने अपने प्राण देकर भी अब तक सहेजा है हिंदुस्तान की आस्था का केंद्र माता हिंगलाज महारानी के मंदिर को, उम्मीद है आप हमें भी सहेज लें, गुजारिश है।

अपने व्याख्यान मेन नायला कादरी ने कहा हिंदुस्तान के इतिहास में पिछले सत्तर वर्षों से पहली बार हिंदुस्तान में किसी ने बलूचिस्तान की आजादी की बात की है। वहीं पाकिस्तान की ओर से हो रहे अत्याचार की बात की है। शुक्रिया काशी वासियों इस बात के लिए कि आपने ऐसा सांसद चुनकर पार्लियामेंट में भेजा।

यूनाइटेड हिन्दी की पुष्टि के अनुसार गंगा महासभा के इस आयोजन में जगद्गुरु रामानंदाचार्य, स्वामी हंसदेवाचार्य जी महाराज, मौलाना कल्बे सादिक़, इंद्रेश कुमार, भंते असाजिथ, मोहम्मद फैज खान, डॉ. पवन सिन्हा और स्वामी जीतेन्द्रानंद सरस्वती जी भी मौजूद रहे है।

source – united hindi

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