साधारण से दिखने वाले पतंजलि के कर्ता-धर्ता आचार्य बालकृष्ण हैं भारत के सबसे अमीर CEOs में से एक

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साधारण से दिखने वाले पतंजलि के कर्ता-धर्ता आचार्य बालकृष्ण हैं भारत के सबसे अमीर CEOs में से एक : स्टील कंपनी के हेड, गाड़ियों की कंपनी के मालिक, सीमेंट कंपनी के CEO या फिर बैंकिंग सेक्टर के बड़े-बड़े नाम ही आज तक Forbes और Times जैसी मैगज़ीन के टॉप 20, टॉप 30 प्रभावशाली और अमीर लोगों में जगह बना पाए हैं. लेकिन जब हर्बल और नेचुरल प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी को चलाने वाले एक आचार्य का नाम इस फेहरिस्त में शामिल हो जाये तो?

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आचार्य बालकृष्ण
आचार्य बालकृष्ण

बात हो रही है बाबा रामदेव के पतंजलि प्रोडक्ट्स के CEO आचार्य बालकृष्ण की. इन्हें आपने या तो टीवी में जड़ी-बूटियां तोड़ते और उनके फायदे बताते हुए देखा होगा, या फिर ज़्यादा से ज़्यादा प्रोडक्ट्स की चिट्स में इनकी की छोटी सी तस्वीर.

कहने को सबके लिए पतंजलि बाबा रामदेव के नाम पर बिक रहा है, लेकिन असल में इसके कर्ता-धर्ता बालकृष्ण ही हैं, जिन्हें Hurun India Rich List 2016 में 339 लोगों में 26वां स्थान मिला है. 

Hurun India Rich List 2016 है क्या?

Hurun रिपोर्ट चीन की रीसर्च लिस्ट होती है, जो साल भर के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट बनाती है. कुछ साल पहले से इसने भारत में ये लिस्ट बनानी शुरू की. इसी लिस्ट के हिसाब के 25 हज़ार 600 करोड़ की संपत्ति वाले आचार्य देश के 339 सबसे अमीर लोगों की सूची में 26वें पायदान पर हैं.

आचार्य बालकृष्ण इससे पहले तब चर्चा में आये, जब उन पर फ़र्ज़ी डिग्री और पासपोर्ट होने के आरोप लगे, लेकिन दो साल के केस के बाद उन्हें CBI ने क्लीन चिट दे दी.

FMCG कैटेगरी में नूडल्स से लेकर हेयर मास्क तक ले कर आने वाली पतंजलि की वैल्यू 450 मिलियन डॉलर है और जिस हिसाब से इसका प्रॉफिट मार्जिन है, ये देश की चुनिंदा सफल FMCG कंपनी में शामिल हो चुकी है.

इसके पीछे जिस इंसान को श्रेय जाता है, वो बालकृष्ण ही हैं. 90′ में लोन लेकर शुरू हुई पतंजलि का नाम घर-घर करने वाले आचार्य बालकृष्ण के बारे में ये बातें शायद आप नहीं जानते हों:

  • पतंजलि आयुर्वेदिक के मैनेजिंग डायरेक्टर और स्टेकहोल्डर हैं आचार्य बालकृष्ण.
  • बाबा रामदेव के साथ मिल कर साल 1990 में हरिद्वार में शुरू की थी दिव्य फार्मेसी, जिसे अब लोग ब्रैंड पतंजलि के नाम से जानते हैं.
  • CEO होते हुए भी वो इसकी सैलरी नहीं लेते.
  • वो दिन भर में 15 घंटे काम करते हैं, कभी-कभी तो संडे को भी. टाइम्स ऑफ़ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू के अनुसार, ये काम उनके लिए पिकनिक है.
  • उनके पास iPhone है, लेकिन वो पढ़ने के लिए कभी भी कंप्यूटर या लैपटॉप का यूज़ नहीं करते.
  • मूल रूप से नेपाल के रहने वाले बालकृष्ण ने बनारस के सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और स्वामी रामदेव से हरियाणा में मिले.
  • आचार्य बालकृष्ण का जन्मदिन 4 अगस्त, पतंजलि परिवार में जड़ी-बूटी दिवस की तरह मनाया जाता है.
  • साल 2015-16 में पतंजलि का प्रॉफिट 150 परसेंट तक बढ़ है, जो बाकी कंपनियों के लिए बुरी खबर हो सकती है. 

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