भारत की ये 3 बेटियां उड़ाएंगी सुखोई और तेजस

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भारत की ये 3 बेटियां उड़ाएंगी सुखोई और तेजस : कहते है की हौसला बुलंद हो तो इन्सान को उड़ने से कोई भी नहीं रोक सकता इसी का उदाहरण है भारत की ये तीन बेटियां, जिन्हें देश की पहली महिला लड़ाकू विमान पाइलेट होने का गौरव प्राप्त हुआ

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देश में पहली बार तीन महिलाएं वायुसेना के लड़ाकू विमानों की पायलट बनी हैं। अवनी चतुर्वेदी, भावना कांत और मोहना सिंह को सफल प्रशिक्षण के बाद शनिवार को कमीशन दिया गया। हैदराबाद के बाहरी इलाके दुन्दिगल में स्थित वायुसेना अकादमी में सफल प्रशिक्षण के बाद रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने उन्हें भारतीय वायु सेना में कमीशन दिया।

भारत की ये 3 बेटियां उड़ाएंगी सुखोई और तेजस
भारत की ये 3 बेटियां उड़ाएंगी सुखोई और तेजस

सभी बाधाओं को पार कर भारतीय वायु सेना के इतिहास में अपना नाम दर्ज करने वाली अवनी, भावना और मोहना को कर्नाटक के बिदार में तीसरे स्तर के प्रशिक्षण को पूरा करने के बाद अगले साल सुखोई और तेजस जैसे लड़ाकू विमान उड़ाने दिए जाएंगे।

ये तीनों देश की पहली महिलाएं हैं, जिन्हें वायुसेना के लड़ाकू विमानों के पायलट के तौर पर कमीशन दिया गया है। ऐसे में ये ‘कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड’ में आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।

प्रथम स्तर का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भावना ने लड़ाकू श्रेणी को चुना। ‘इंडियन ऑयल कोर्पोरेशन’ में अधिकारी की बेटी भावना का हमेशा से लड़ाकू पायलट बनने और देश की सेवा करने का सपना था। राजस्थान के झुनझुनु निवासी मोहना के दादा ‘एविएशन रिसर्च सेंटर’ में फ्लाइट गनर थे और उनके पिता आईएएफ में वारंट अधिकारी हैं। अपने परिवार की देश की सेवा करने वाली विरासत को आगे ले जाने के लिए मोहना काफी उत्साहित हैं।

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मध्य प्रदेश के सतना की रहने वाली अवनी के परिवार के सदस्य सैन्य अधिकारी हैं और उसे इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सेना में भर्ती अपने भाई से प्रेरणा मिली। अवनी हमेशा से उड़ना चाहती थी और इसलिए वह अपने कॉलेज के फ्लाइंग क्लब में शामिल हुईं। वहीं, बिहार के दरभंगा की रहने वाली भावना का बचपन से ही विमान उड़ाने का सपना था।

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