जानिये कितना खतरनाक हैं महिलाओं का खतना और उसके परिणाम

खतरनाक हैं महिलाओं का खतना और उसके परिणाम
खतरनाक हैं महिलाओं का खतना और उसके परिणाम

खतरनाक हैं महिलाओं का खतना और उसके परिणाम : साहियों की संस्थापक और पेशे से पत्रकार आरिफ़ा जौहरी जब 7 साल की थी तब उन्हें मुंबई के भिंडी बाजार में ले जाया गया था। उनकी मां उन्हें यह कहकर ले गई थी कि उसके साथ कुछ होगा जिसमें केवल एक मिनट का समय लगेगा। इस एक मिनट में आरिफ़ा की ख़तना कर दी गई। इस तरह की परंपरा बोहरा समुदाय में आम है।

29 वर्षीय आरिफ़ा ने खतना के विरोध में मुहिम शुरू का है। आरिफ़ा का कहना है कि बोहरा समुदाय में महिलाओं की ख़तना करने की प्रक्रिया बहुत ही भयावह होती है। विश्वभर में कम से कम 20 करोड़ ऐसी लड़कियां और महिलाएं हैं जिनका खतना किया गया है। इनमें से आधी लड़कियां और महिलाएं मिस्र, इथोपिया और इंडोनेशिया में रह रही हैं। संयुक्त राष्ट्र के बाल कोष यूनीसेफ की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।जिन 20 करोड़ महिलाओं का खतना कराया गया है उनमें से चार करोड़ 40 लाख लड़कियों की आयु 14 वर्ष या उससे भी कम है। यूनीसेफ ने इस प्रथा को बाल अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन करार देते हुए कहा कि यह प्रथा जिन 30 देशों में सर्वाधिक फैली हुई है वहां अधिकतर लड़कियों का खतना उनके पांचवें जन्मदिन से पूर्व ही करा दिया जाता है।

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