देखिये भारत की 25 ऐतिहासिक तस्वीरें जो ख़ुद में ही एक दास्तां हैं.

हज़ारों ख्वाहिशें ऐसी कि, हर ख्वाहिश पर दम निकले
बहुत निकले मेरे अरमां, लेकिन फिर भी कम निकले (चचा ग़ालिब)

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कौन जानता था कि चचा ग़ालिब की इस पंक्ति को हम अपने लेख की प्रस्तावना के लिए इस्तेमाल कर लेंगे. भारत का बतौर राष्ट्र जन्म सन् 1947 में हुआ था, हालांकि उससे पहले यह एक देश तो हुआ ही करता था. देश नहीं महादेश कहना ज़्यादा मुफ़ीद होगा. तो जाहिर है कि इस देश और राष्ट्र की गवाही देने वाली कुछ ऐसी तस्वीरें भी होंगी. किसी महानुभाव ने तस्वीर की परिभाषा के लिए कहा भी तो है कि, “एक तस्वीर हज़ार शब्दों के बराबर होती है”… मगर जो तस्वीरें ऐसी हों तो क्या उन्हें किन्हीं शब्दों के दायरे में बांधा जा सकता है. बाद बाकी आप ही इन तस्वीरों को देखें और तय करें…

1. इस तस्वीर में दिखने वाला व्यक्ति, कुतुब्बुदीन अंसारी, पेशे से एक दर्जी हैं. यह तस्वीर सन् 2002 में गुजरात प्रदेश के गोधरा में होने वाले दंगे के दौरान खींची गई थी. यह अकेली तस्वीर उस दौर की भयावहता को बयां करने वाली तस्वीर बन गई थी.

Source: wsj

2. शहीद ऊधम सिंह माइकल ड्वायर की हत्या के बाद बिलकुल निडर एवं मुस्कुराते हुए लंदन के कैक्सटन हॉल से बाहर आते हुए.

ज्ञात हो कि माइकल ड्वायर ने ही जलियांवाला बाग में निहत्थे भारतीयों पर गोलियां चलाने का आदेश दिया था.
जलियांवाला बाग नरसंहार भारत के इतिहास की सबसे पाशविक घटनाओं में शुमार किया जाता है. इस नरसंहार में हजारों निर्दोष लोग, जिनमें औरतें और बच्चे भी शामिल थे, अपनी जान गंवा बैठे थे. उस दौरान माइकल ड्वायर पंजाब प्रांत का गवर्नर था.

Source: shaheedudhamsinghkamboj

3. यह अपने तरह का ऐतिहासिक और दुर्लभ मामला था, जब तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री सी.एन. अन्नादुराई की शवयात्रा में डेढ़ करोड़ लोग शामिल हुए थे. यह बात सन् 1969 की है.

अन्नादुराई की मौत 60 वर्ष की उम्र में कैंसर की वजह से हुई थी.

Source: thestar

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