हिमालय भेदकर देहरादून से मानसरोवर तक महासेतु बनाने की तैयारी में मोदी सरकार

हिमालय भेदकर देहरादून से मानसरोवर तक महासेतु बनाने की तैयारी में मोदी सरकार
नई दिल्लीबात अविश्वसनीय ज़रूर है लेकिन अगर नितिन गडकरी बोल रहे हैं तो कुछ भी संभव है. भरोसा पढ़ने वाले को करना है लिखने वाले को नहीं.मोदी सरकार के  सबसे  रोमांचकारी प्रोजेक्ट का खुलासा करते हुए गडकरी  ने बताया है कि वो हिमालय पर्वत भेदकर  देहरादून से मानसरोवर तक का ‘आल वेदर’ हाईवे बना रहे हैं. ये हाईवे  हिमालय की विशाल पर्वतशिखाओं के भीतर से  निकलकर भारत-चीन सीमा पर खुलेगा. तकरीबन 500  किलोमीटर का ये  सुरंगनुमा हाईवे एक अति आधुनिक टेक्नोलॉजी के ज़रिये बनेगा. प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार हो गई है और जल्द काम शुरू होने वाला  है.

कुछ ही घंटों में पहुंचेंगे मोटर  से मानसरोवर 

वरिष्ठ पत्रकार अजय सिंह से फर्स्टपोस्ट  के लिए साक्षात्कार करते  हुए नितिन गडकरी ने बताया कि देहरादून से कार में बैठकर कोई भी अब कुछ ही घंटों में भारत-चीन सीमा पर पहुँच सकता है. ये हाईवे उत्तराखंड के पूर्वोत्तर में धारचूला होते हुए लिपुलेख पहुंचेगा जहाँ से कुछ दूर पर  चीन की सीमा शुरू हो जाती है.  चीन ने पहले से ही वहाँ मोटर चलने के लिए हाईवे बना रखा  है. मोदी सरकार के इस प्रोजेक्ट से  देश में तीर्थयात्रियों को मानसरोवर के दर्शन करना बेहद सुलभ हो जायेगा.

om-parvat

गंगा के घाट से गंगा सागर भी पहुंचाएंगे गडकरी 

बातचीत में गडकरी ने ये भी खुलासा किया कि वाराणसी के  घाट पर मोटरबोट के  ज़रिये कोई भी तीर्थयात्री दो दिन में गंगा सागर पहुँच जायेगा. इसी तरह जो ताजमहल देखना चाहते हैं वो दिल्ली  में यमुना किनारे से विशेष बोट के  ज़रिये जल मार्ग से आगरा पहुंचकर ताज का लुत्फ़ उठा सकेंगे.  वाटर वे का जिक्र करते हुए केंद्रीय शिपिंग और परिवहन मंत्री नितिन गाड़कर ने कहा कि सरकार देश की कई नदियों को जलमार्ग से जोड़ रही है. वाराणसी से हल्दिया  और साहेबगंज तक काम शुरू हो चुका है. गंगा किनारे 40  पोर्ट बनने है जिसमे 20  कंक्रीट के और 20  फ्लोटिंग पोर्ट होंगे. गडकरी ने कहा की वो हवा में कुछ नहीं कह रहे. सब कुछ जमीन पर शुरू हो चुका है. जलमार्ग सुचारु रूप से चले इसलिए तीन मीटर की न्यूनतम गहराई और 45  मीटर की चौड़ाई रहेगी. इस पूरे कंस्ट्रक्शन के  काम को वर्ल्ड बैंक से सहायता मिल रही है. बहरहाल एक बात साफ़ है कि नितिन गडकरी जिस गति से हाईवे पर  निर्माण करवा रहे हैं वो अपने आप में कम चौंकाने वाला प्रोजेक्ट  नहीं है. शायद ऐसा ही कुछ वो हिमालय से लेकर गंगा जल मार्ग तक भी साकार करें.
USE YOUR ← → (ARROW) KEYS TO BROWSE

loading...
loading...
SHARE