स्टिंग में फंसे कांग्रेस विधायक, जाने क्या है मामला

स्टिंग में फंसे कांग्रेस विधायक, जाने क्या है मामला

पटना: स्टिंग आपरेशन में अपने अतिथियों को शराब पीने का निमंत्रण देकर बिहार में पूर्णशराबबंदी के लिए सदन में शपथ लेने वाले कांग्रेस विधायक विनय वर्मा की समस्या बढ़ती दिखायी पड़ रही है। एक निजी समाचार चैनल द्वारा पटना के एक बड़े होटल में किए गए उक्त स्टिंग ऑपरेशन में वर्मा को अपने अतिथियों को शराब पीने का निमंत्रण देते हुए यह कहते हुए दिखाया गया था उनके पास कई ब्रांड की शराब है।

वर्मा ने शराब न पीने और पिलाने की शपथ ली थी
गत 30 मार्च को बिहार विधानसभा में शराबबंदी को लेकर एक विधेयक पारित किए जाने के समय वर्मा ने अन्य विधायकों के साथ शराब न पीने और दूसरों को इसका सेवन न करने के लिए प्रेरित करने की शपथ ली थी। गत 5 अप्रैल को बिहार सरकार ने प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी का निर्णय लिया था।

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अपने समर्थकों के सहयोग से वाहन पर सवार होकर फरार हो गए विधायक
पश्चिमी चंपारण जिला के नरकटियागंज से कांग्रेस विधायक विनय वर्मा आज हिरासत में लिए जाने के पूर्व शिकारपुर थाना परिसर से अपने समर्थकों के सहयोग से वाहन पर सवार होकर फरार हो गए। अनुमंडल पुलिस अधिकारी अमन कुमार ने बताया कि विधायक आज सुबह शिकारपुर थाना उक्त स्टिंग आपरेशन मामले में अज्ञात पत्रकारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने पहुंचे थे।

उन्होंने कहा कि उनके आवेदन पर विचार किया जा रहा था तभी उनके समर्थकों ने आगे उत्पन्न होने वाली समस्या की आशंका के मद्देनजर तथा विधायक को भागने में मदद करने के लिए उक्त थाना परिसर में हंगामा करना शुरू कर दिया। अमन ने बताया कि विधायक के शिकारपुर थाना से फरार होने पर पुलिस और उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अधीक्षक राकेश कुमार द्वारा उनके खिलाफ कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।

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कारण बताओ नोटिस जारी करेगी कांग्रेस
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और बिहार के शिक्षा मंत्री अशोक कुमार चौधरी ने अपनी पार्टी विधायक की इस हरकत के बारे में कहा कि इस बारे में वे मीडिया रिपोर्ट के जरिए अवगत हुए और उनकी पार्टी उन्हें (वर्मा) कारण बताओ नोटिस जारी करेगी और उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण से पार्टी आलाकमान को सूचित किया जाएगा।

कांग्रेस विधायक का यह स्टिंग ऑपरेशन मंगलवार शाम उस समय प्रकाश में आया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना प्रमंडल के छह जिलों में शराबंबदी की उच्च स्तरीय समीक्षा कर रहे थे और आज भागलपुर जिले में एक समीक्षा बैठक कर रहे हैं। कांग्रेस विधायक विनय वर्मा ने स्वयं द्वारा अपने किसी भी अतिथि को शराब पीने का निमंत्रण देने की बात से इनकार करते हुए इसे अपने खिलाफ साजिश बताया।

वर्मा का दावा, शराब नहीं पीते
वर्मा ने स्वयं को शाकाहारी और शराब नहीं पीने वाला बताते हुए दावा करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने स्वयं को पत्रकार बताकर पटना के उक्त होटल में उनसे शराबबंदी विषय पर बात की जिसके बारे में उन्होंने कहा था कि गांवों में लोग खासतौर से महिलाएं इसकी प्रशंसा कर रही हैं।

राजनीतिक साजिश का आरोप
उन्होंने दावा किया कि प्रश्नकर्ता उनके मुंह में गलत ढंग से बातों को रखकर उनकी और प्रदेश में सत्तासीन महागठबंधन (जदयू, राजद और कांग्रेस) की छवि को धुमिल करने की साजिश की है। बिहार विधान परिषद में प्रतिपक्ष के नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि इस मामले में कांग्रेस को अपने विधायक विनय वर्मा के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी कांग्रेस पर दबाव डालकर ऐसे विधायक को निलंबित करवाना चाहिए और कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने इस मामले में विधायक के खिलाफ की जारी कार्रवाई में जानबूझकर देरी किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार अपने विधायकों को बचाने में लगी हुई है। बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता प्रेम कुमार ने कहा कि इस मामले ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रदेश में पूर्णशराबबंदी की कोशिश पर सवालिया प्रश्न लगा दिया है।

उन्होंने शराब न पीने और दूसरों को शराब नहीं पीने के लिए प्रेरित करने की शपथ लेने के बाद उसका उल्लंघन करने को लेकर वर्मा की सदन की सदस्यता रद्द किए जाने की तथा कांग्रेस को उनसे पार्टी से निकाले जाने की मांग की। वहीं बिहार विधानसभा में उपनेता श्याम रजक ने कहा कि वे कांग्रेस पार्टी से अनुरोध करते हैं कि पूरे प्रकरण की जांच करने के बाद इस मामले में विधायक के दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए।

थाने में दर्ज हुआ मामला
इस बीच पटना के पाटलिपुत्र थाने में कांग्रेस विधायक विनय वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने बताया कि बिहार उत्पाद (संशोधन) विधेयक 2016 की विभिन्न धाराओं के तहत उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के आग्रह पर उक्त मामला दर्ज किया गया है।

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