शिव के उपासक होते हैं अघोरी साधु, जानिए कई रहस्यमय तथ्य

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अघोर पंथ हिन्दू धर्म का एक संप्रदाय है। इसका पालन करने वालों को अघोरी कहते हैं। अघोर पंथ की उत्पत्ति के काल के बारे में अभी निश्चित प्रमाण नहीं मिले हैं, लेकिन इन्हें कपालिक संप्रदाय के समकक्ष माना जाता है।

इस पंथ का पालन करने वाले साधुओं की जीवनचर्या अप्रचलित और सभ्य समाज से अलग होती है। यही वजह है कि लोगों में इनके प्रति जिज्ञासा का भाव अधिक होता है। जानिए इनके कुछ हैरान कर देने वाले अन्य तथ्य।

1. शिव भक्ति

अघोरी साधुओं को शैव संप्रदाय का माना जाता है, यानी कि वे शिव जी के उपासक हैं। उनका मानना है कि शिव ही वह एकमात्र ताकत है, जो इस दुनिया को अपने नियंत्रण में रखता है और निर्वाण का आखिरी सारथी है।

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2. सार्वलौकिक दवा

अघोरियों का मानना है कि उनके पास इंसान की सारी बीमारियों और रोगों का इलाज है। वे लाशों में से असाधारण तेल निकालकर उनसे दवाइयां बनाते हैं, जिन्हें अत्यंत प्रभावी माना जाता है।

3. कठोर परिस्थितियों में जीवन

अघोरी साधु दुनिया के सबसे कठोर और सख्त प्राणियों में से हैं। निर्जन-भूमि की झुलसाने वाली गर्मी हो या बर्फ से ढकी हुई कड़कड़ाती हिमालय की ठंड, वे हर मौसम में कपड़ों के बिना जीते हैं।

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