…तो भारतीयों को मिल सकेंगे सस्ते आईफोन

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आईफोन : ऐपल के सीईओ टिम कुक आज पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने वाले हैं। इस मुलाकात के दौरान वह भारत में कंपनी को सेकंड हैंड आईफोन्स बेचने की अनुमति दिए जाने की मांग कर सकते हैं। हालांकि सरकार ऐसी अनुमति देने के मूड में नहीं है। पूरे मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी टिम कुक से ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत भारत में ही ऐपल के आईफोन और कम्प्यूटर्स की मैन्युफैक्चरिंग की मांग कर सकते हैं। मीडिया को दिए इंटरव्यूज में टिम कुक ने अब तक ऐपल की ओर से लोकल मैन्युफैक्चरिंग की बात को स्वीकार नहीं किया है।

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…तो भारतीयों को मिल सकेंगे सस्ते आईफोन

एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘हम अच्छी कंडीशन वाले पुराने फोन्स को भारत लाना चाहते हैं ताकि उन्हें मार्केट में उपलब्ध कराया जा सके।’ सैद्धांतिक तौर पर सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे की डंपिंग की समस्या के चलते ऐपल एवं अन्य किसी भी कंपनी को पुराने सामान का आयात कर बेचने की मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। हालांकि ऐपल यदि भारत में मैन्युफैक्चरिंग के लिए राजी होता है तो सरकार सकारात्मक रुख दिखा सकती है।

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पीएमओ के एक करीबी सूत्र ने बताया, ‘कुक से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी का मुख्य जोर लोकल मैन्युफैक्चरिंग पर ही रहेगा।’ अब तक ऐपल के सीईओ ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग को लेकर कोई ठोस संकेत नहीं दिए हैं। एक अखबार से बातचीत में टिम कुक ने कहा, ‘यह ऐसा मसला है, जिस पर हमें काफी वक्त चाहिए।’ केंद्र सरकार का जोर है कि ऐपल भारत में मैन्युफैक्चरिंग की शुरुआत करे। सरकार का मानना है कि इससे पीएम मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को गति मिलेगी।

स्मार्टफोन के कारोबार में ऐपल की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी कंपनी सैमसंग के पहले ही भारत में दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं। कंपनी का एक प्लांट नोएडा में है और दूसरा चेन्नै में है। सैमसंग भारत में बिकने वाले अपने 90 पर्सेंट फोन्स की मैन्युफैक्चरिंग स्थानीय स्तर पर ही करती है।

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