मुठभेड़ में आतंकियों की मौत के बाद सुरक्षाबलों से भिड़े कश्‍मीरी, जनाजे में जुटी हजारों की भीड़

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मुठभेड़ में आतंकियों की मौत के बाद सुरक्षाबलों से भिड़े कश्‍मीरी, जनाजे में जुटी हजारों की भीड़

मुठभेड़ में मारे गए दो आतंकियों के नाम- अश्‍फाक अहमद डार (डोगरीपुरा) और इश्‍फाक अहमद बाबा हैं। ये हिज्‍बुल के शीर्ष आतंकी थे। तीसरे आतंकी का नाम हसीब अहमद पल्‍ला है। वह लश्‍कर से जुड़ा था और एक साल पहले ही आतंकी बना था।

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पुलवामा में हिज्‍बुल आतंकी के अंतिम संस्‍कार में हजारों की भीड़ ने शिरकत की।  (source: jansatta)

कश्‍मीर के डोगरीपुरा पंजगाम इलाके में शनिवार को सुरक्षाबलों ने हिज्‍बुल मुजाहिदीन और लश्‍कर ए तैयबा के तीन आतंकियों को ढेर कर दिया। आतंकियों की मौत से गुस्‍साए स्‍थानीय निवासियों ने जमकर हंगामा किया। सुरक्षाबलों के साथ प्रदर्शनकारियों की भिड़ंत में आठ लोगों जख्‍मी हो गए हैं। हालात को देखते हुए पुलवामा जिले में ट्रेन और मोबाइल सर्विस बंद कर दी गईं। हालांकि, क्षेत्र में शांति होने के बाद मोबाइल सेवा बहाल कर दी गई। तीनों आतंकियों को राष्‍ट्रीय राइफल्‍स और स्‍पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस के मुताबिक, इनमें से दो आतंकी साउथ कश्‍मीर के हिज्‍बुल कमांडर बुरहान वानी के साथ जुड़े थे।

सेना का दावा है कि मारे गए तीनों आतंकी बेहद खतरनाक थे। शुक्रवार शाम को खुफिया जानकारी मिली थी कि पंजगाम के पास डोगरीपुरा के एक घर में आतंकी छिपे हुए हैं। इसके बाद सेना बड़ी ही तेजी के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिसके चलते इनके प्रति सहानुभूति रखने वालों को मौका ही नहीं मिला। पिछले कुछ समय से देखने में आया है कि जब भी सुरक्षाबल आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने जाते हैं, स्‍थानीय लोग एकत्रित हो जाते हैं। खासतौर पर तब, जब आतंकी उसी इलाके से हो। सेना और पुलिस जनवरी से अब तक साउथ कश्‍मीर में आठ अलग-अलग एनकाउंटर्स के दौरान हिज्‍बुल के 13 आतंकियों को ढेर कर चुके हैं। इनमें से कई मुठभेड़ों के दौरान सुरक्षाबलों को स्‍थानीय लोगों के गुस्‍से का सामना करना पड़ा। लोगों ने कभी सुरक्षाबलों पर पत्‍थरबाजी की तो कभी नारेबाजी।

सैन्‍य अधिकारी ने बताया कि शनिवार को जब तक इलाके के लोगों ने विरोध शुरू किया, तब तक मुठभेड़ खत्‍म हो चुकी थी। इसमें मारे गए दो हिज्‍बुल आतंकियों के नाम- अश्‍फाक अहमद डार (डोगरीपुरा) और इश्‍फाक अहमद बाबा हैं। ये दोनों हिज्‍बुल के शीर्ष आतंकी थे और 2014 से अवंतीपुरा इलाके में सक्रिय थे। तीसरे आतंकी का नाम हसीब अहमद पल्‍ला है। वह लश्‍कर से जुड़ा था और एक साल पहले ही आतंकी बना था। सैन्‍य प्रवक्‍ता एनएन जोशी ने इसे सफल ऑपरेशन करार देते हुए बताया कि आतंकियों के पास से तीन AK 47 और 6 मैग्‍जीन बरामद की गई हैं। तीनों स्‍थानीय आतंकियों के शव जब गांववालों के हवाले किए गए तो पुलवामा और तहाब में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।

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