नोटबंदी का फायदा: अब मिलेंगे सस्ते घर, प्रापर्टी की कीमतों में आ सकती है 40 प्रतिशत की गिरावट!

970

नई दिल्ली: नोटबंदी की मार से लोग भले ही पिस रहे हों लेकिन एक सेक्टर ऐसा है जहां इसका फायदा आम आदमी को सीधे तौर पर हो सकता है।मीडिया सूत्रों के मुताबिक कहा जा रहा है कि प्रॉपर्टी बाजार में कीमतें घटना तय बताया जा रहा है। अगले छह महीने से एक साल के भीतर देश के तमाम शहरों में मकानों और फ्लैट की कीमत 30 फीसद तक कम हो सकती है।

आकर्षक ऑफर के लिए यहाँ क्लिक करें

जानकारों के मुताबिक घर खरीदने वालों के लिए ये अच्छा मौका साबित हो सकता है। जानकारों के मुताबिक कई शहरों में रियल एस्‍टेट की सेकंडरी मार्केट का कब्‍जा है, वहां आने वाले दिनों में प्रॉपटी की कीमतों में काफी गिरावट देखी जाएगी और कीमतें 30 फीसदी तक कम हो सकते हैं।

यानि कि, जो फ्लैट आपको इस समय 30 से 32 लाख रुपए का मिल रहा है, वह छह माह के भीतर लगभग 10 लाख रुपए तक सस्‍ता हो सकता है।

 PM-Modi-Scheme.jpg

बताया जा रहा है कि 500 और 1000 के नोटों पर पाबंदी से रियल एस्‍टेट मार्केट को खासा नुकसान पहुंचा है। इससे आने वाले दिनों में प्रॉपर्टी रेट 30 से 40 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की जाएगी।

रियल एस्टेट से जुड़े लोगों के मुताबिक प्रोजेक्‍ट लॉन्‍च होते ही इन्‍वेस्‍टर्स फ्लैट या यूनिट खरीद लेते हैं। जो प्रॉपर्टी को होल्‍ड कर लेते हैं और कुछ समय बाद रेट बढ़ा कर बेचते हैं।

ये इन्‍वेस्‍टर्स व्‍हाइट में पैसा नहीं लेते, बल्कि केवल सर्किल रेट तक का पैसा व्‍हाइट में लेकर बाकी पैसा ब्‍लैक में लेते हैं। अब जब नोट बंदी के बाद प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्‍त व्‍हाइट में होगी तो जाहिर सी बात है कि उन्‍हें सारा पैसा व्‍हाइट में लेना होगा और कैपिटल गेन्‍स या इनकम टैक्‍स से बचने के लिए रेट कम करने पड़ेंगे।

नोट बैन होने के बाद बैंकों में लिक्विडिटी बढ़ेगी और लोन की ब्‍याज दर कम होगी। रियल एस्‍टेट डेवलपर्स का अनुमान है कि होम लोन 2 से 3 फीसदी तक सस्‍ता हो सकता है। चूंकि प्रॉपर्टी खरीदते वक्‍त अब ब्‍लैक मनी का शेयर लगभग न के बराबर रह जाएगा। ऐसे में एंड यूजर्स द्वारा होम लोन लेकर घर खरीदना बेहद आसान हो जाएगा।

प्रॉपर्टी के जानकार मानते हैं कि रियल एस्‍टेट सेक्‍टर में प्राइमरी मार्केट का शेयर ज्‍यादा नहीं है। केवल उन शहरों में प्राइमरी मार्केट है, जहां नए प्रोजेक्‍ट्स लांच रहे हैं,लेकिन कई पुराने शहर ऐसे हैं, जहां सेकंडरी मार्केट का शेयर 90 से 100 फीसदी है।

ऐसे शहरों में राजधानी दिल्‍ली, मुंबई, चैन्‍नई, कोलकात्‍ता जैसे महानगर तो हैं ही, साथ ही, एनसीआर के पुराने शहर गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुड़गांव, नोएडा के अलावा लखनऊ, मेरठ, कानपुर, पुणे, देहरादून, चंडीगढ़, जयपुर जैसे शहर हैं, जहां सेकंडरी मार्केट है। जहां प्रॉपर्टी की कीमतें गिर सकती है।

loading...