पीएम मोदी व योगी की जोड़ी ने उड़ायी विपक्षी दलों की नींद

modi-yogi
वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी व गोरखपुर को फायर ब्रांड सांसद योगी आदित्यनाथ की जोड़ी ने सीएम अखिलेश को तगड़ा झटका दिया है। सीएम अखिलेश ने प्रोटोकॉल का पालन करते हुए गोरखपुर हवाई अड्डे पर आकर पीएम मोदी को स्वागत तो किया है लेकिन रैली स्थल से दूरी बना ली। सीएम अखिलेश ने विवाद में पडऩे की बजाए उससे किनारा करना ही ठीक समझा। योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में रैली का सफल आयोजन कर अपनी क्षमता से सबको परिचित कराया तो पीएम मोदी ने विपक्षी दलो पर हमला करके बीजेपी के लिए चुनावी जमीन तैयार की।

सीएम अखिलेश यादव व योगी आदित्यनाथ में एम्स की जमीन को लेकर बयानबाजी हो चुकी है। सीएम अखिलेश एम्स के लिए जमीन देकर खुद सारी क्रेडिट लेने में जुटे हुए हैं तो दूसरी तरफ योगी आदित्यनाथ एम्स खुलवाने की क्रेडिट किसी को देने को तैयार नहीं है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने भी एम्स खोलने की घोषणा करके अपनी विकास पुरूष की छवि को मजबूत करने में जुटे हुए हैं लेकिन जिस तरह से पीएम मोदी व योगी आदित्यनाथ की जोड़ी ने एम्स मुद्दे पर मुहर लगायी है उससे सीएम अखिलेश को झटका लगा है।

तो इसलिए सीएम अखिलेश ने बनायी रैली से दूरी

सीएम अखिलेश का रैली से दूरी बनाये रखने का खास कारण है। सीएम अखिलेश जानते थे कि चुनावी रैली में राजनीतिक दल एक-दूसरे पर बड़ा हमला करते है इसके अतिरिक्त एम्स की घोषणा कर पीएम मोदी सारा क्रेडिट ले जायेंगे। यदि सीएम अखिलेश मंच पर रहते तो उनके लिए अप्रिय स्थिति बन सकती थी इसलिए अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के कत्र्तव्यों का पालन तो किया, लेकिन कार्यक्रम से दूरी बना ली।
विरोधियों पर भारी पड़ सकती है पीएम मोदी व योगी की जोड़ी

वर्ष 2014 में हुए संसदीय चुनाव में जीत दिलाने में पीएम नरेन्द्र मोदी व अमित शाह की जोड़ी की महत्वपूर्ण भूमिका थी उसी तरह यूपी में कमल खिलाने में पीएम मोदी व योगी की जोड़ी कारगर साबित हो सकती है। बीजेपी की सफल रैली ने इस बात को साबित कर दिया है। यदि पीएम मोदी व योगी की जुगलबंदी ऐसे ही चलती रही तो विपक्षी दलों की नींद उडऩी तय है।

Loading...
इन ← → पर क्लिक करें

Loading...
loading...
शेयर करें