प्राचीन काल की ये 10 अनोखी लिपियां जिन्हें पढ़ के आप रह जाएगे दंग। ….

लिपि मानव के महान आविष्कारों में अपना स्थान सबसे ऊपर रखती हैं. अगर मानव सभ्यता के विकास में भाषा के बाद किसी का योगदान सबसे अधिक रहा है, तो वो लेखन का ही है. लेखन ही एक ऐसी कड़ी है जो हमें हमारे पूर्वजों से जोड़ने का काम करती है. हम लेखन की मदद से ही ये जानने में सक्षम हो पाएं हैं कि प्रचीन दौर में हमारे पूर्वज किस तरह से अपना जीवन व्यतीत करते थे, यहां तक उनका कृषि करने का क्या तरीका था या वे अपने मनोरंजन के लिए किन साधनों का उपयोग करते थे. अगर लिपि का आविष्कार नहीं हुआ होता तो क्या हम अपने पूर्वजों के बारे में जान पाते?

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‘आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है’, ये लाइन लिपि के आविष्कार पर भी फिट बैठती है. प्राचीन काल में मानवों का अपने विचारों को सुरक्षित रखने का विचार ही लिपि के आविष्कार का कारण बना था. हम विश्व की लुप्त हो चुकी सभ्यताओं के बारे में इसीलिए बहुत कुछ जान पाए, क्योंकि वे अपने पीछे कुछ लिखित सामग्री छोड़ गईं थी. विश्व में आज भी 400 विभिन्न लिपियों का प्रयोग होता है. उस दौरान कई लिपियां ऐसी भी थीं जिनमें अपनी बात को सिर्फ़ चित्र के माध्यम से कहा गया था. यहां इतिहास की 10 सबसे प्राचीन लिपियों के बारे में बताया गया है जो आपको आज से हजारों वर्ष पीछे ले जाएंगी!

1. हित्ती-मिस्र का शांति समझौता

ये सबसे पुरानी संधियों में से एक है, जिसे हस्ताक्षर किया गया था. यह एक शांति संधि है जिसे प्राचीन समय की दो सबसे शक्तिशाली सभ्यताओं ‘मिस्र और हित्ती’ के बीच हस्ताक्षर किया गया था. इन सभ्याताओं का विवाद ज़मीन को लेकर शुरू हुआ था, जो दोनों के मध्य में स्थित थी. कुछ समय बाद दोनों को एहसास हुआ कि इस विवाद में किसी की जीत नहीं होने वाली, जिसके बाद इन्होंने शांति संधि पर हस्ताक्षर करना ही उचित समझा.

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