निरंकारी प्रमुख हरदेव सिंह का सड़क दुर्घटना में निधन

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निरंकारी समुदाय के सबसे बड़े धर्मगुरु हरदेव सिंह का आज कनाडा के मॉन्ट्रियल में एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। निरंकारी बाबा हरदेव सिंह निरंकारी समाज के सबसे बड़े गुरु थे। उनकी उम्र 62 साल थी।

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समाचार एजेंसी एएनआई ने ये खबर दी है। उनके निधन की खबर सुनकर निरंकारी समुदाय में शोक की लहर दौड़

गई है।

निरंकारी प्रमुख हरदेव सिंह जी

निरंकारी प्रमुख हरदेव सिंह ने कहा था इंसानों में भेदभाव नहीं

संत निरंकारी मिशन के अध्यक्ष बाबा हरदेव सिंह भारत समेत विश्व के कई देशों के लोगों में निरंकारी धर्म और ज्ञान का प्रकाश प्रज्वलित कर रहे थे।  इनका मानना है कि ईश्वर एक है और उसके द्वारा बनाए गए इंसानों में भी कोई भेदभाव नहीं है।

बाबा हरदेवसिंह संत निरंकारी मिशन के प्रमुख थे। उनका जन्म 23 फरवरी 1954 को दिल्ली में हुआ था। उनकी शुरुआती शिक्षा घर पर ही हुई थी। बाद में वो रोसारी पब्लिक स्कूल में पढ़े। 1963 में उन्होॆंने यादवेन्द्र पब्लिक स्कूल पटियाला में दाखिला लिया।

बबा हरदेव सिंह 1971 में निरंकारी सेवा दल के साथ जुड़े। उनकी शादी यूपी के फर्रूखाबाद की रहने वाली सविन्दर कौर से 1975 में हुई। दोनों की मुलाकात निरंकारी संत समागम के दौरान दिल्ली में हुई थी।

1980 में अपने पिता की हत्या के बाद वो निरंकारी मिशन के प्रमुख बने। संत निरंकारी मिशन की स्थापना 1929 में बाबा बूटा सिंह ने की थी। फिलहाल दुनिया भर के 27 देशों में निरंकारी मिशन की 100 से ज्यादा शाखाएं हैं।

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