कालेधन पर चोट के बाद PM मोदी का अगला प्लान तैयार, 200 टीमें एक्शन में !

11112

नई दिल्‍ली। नोटबंदी के कड़े फैसले को पूरे देश में लागू किया जा चुका है। सभी लोग पीएम मोदी के इस फैसले से खुश नजर आए। वहीं खबर मिली है कि मोदी सरकार एक बार फिर कालेधन पर चोट करने को तैयार है।

आकर्षक ऑफर के लिए यहाँ क्लिक करें

कालेधन पर चोट करने के लिए पीएम मोदी का यह प्‍लान

मोदी सरकार कालेधन पर चोट करने का पूरा मूड तैयारी में है। इसके लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई है। इसमें बेनामी संपत्तियों और महंगी प्रॉपर्टी पर खास नजर है और जांच शुरू कर दी गई है।

कॉमर्शियल फ्लैटों, दुकानों की जांच

काले धन के खिलाफ इस बड़ी कार्रवाई के तहत देश के सभी प्रमुख शहरों के हाईवे के पास की जमीनों की जांच शुरू की गई है। इसके अलावा देश के प्रमुख शहरों के वीआईपी इलाको में मौजूद जायदादों की जांच भी की जा रही है। प्रमुख औद्योगिक प्लॉटों और कॉमर्शियल फ्लैटों, दुकानों की जांच की जा रही है।

1216112016040058

अवैध लेन-देन की भी जांच

जांच एजेंसियां काले धन का पता लगाने के लिए ये पता कर रही हैं कि किस के नाम हैं दुकाने और प्लॉट। किसके नाम है बड़े बंगले और औद्योगिक प्लॉट। जांच के दौरान पता चला है कि लुटियन जोन में भी कुछ बंगलों का वास्तविक मालिक कोई और है। जांच के दायरे में रिश्वत और भ्रष्टाचार की रकमों से खरीदे गए कुछ बंगले हैं। एक बंगला जांच बंद करने के नाम पर एक सीए के नाम खरीदा गया. ऐसे सभी मामलों की जांच जारी है।

आयकर विभाग की 200 टीमें जुटीं

केंद्र सरकार ने तमाम विभागों से सरकारी जमीनों का भी ब्यौरा मांगा है। इसके तहत पता लगाया जा रहा है कि कहां कहां कब्जे हैं लिस्ट तैयार की जा रही है। आयकर विभाग और अन्य विभागों की मदद से इन सब प्रॉपर्टीज का वेरीफिकेशन किया जा रहा है। दो सौ से ज्यादा टीमें इन जगहों का सत्यापन कर रही हैं।

narendra-modi-effect

बेनामी ट्रांजेक्शन एक्ट 2016 के तहत होगी कार्रवाई

तथ्य जुटाने के बाद इन मामलों में सरकार कार्रवाई करेगी। इन मामलों में दोषी पाए जाने पर बेनामी ट्रांजेक्शन एक्ट 2016 के तहत कार्रवाई होगी। ये एक्ट एक नवबंर से लागू किया जा चुका है। इसके तहत बेनामी संपत्ति जब्त की जा सकती है और सात साल की सज़ा का भी प्रावधान है।

दक्षिण के एक प्रमुख अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक कृषि भूमि, संपत्ति कर, इमारतों और खाली प्लॉटों पर लगने वाले टैक्स से संबंधित सभी आंकड़े आधार नंबर से जोड़े जा रहे हैं।

 इसी नीति के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन पहले गोवा में ऐलान किया था कि अब बेनामी संपत्ति रखने वालों का नंबर आएगा।

* बेनामी संपत्ति में निवेश करने वालों पर डंडा चलाने में सरकार का बड़ा हथियार वही आधार नंबर बनेगा जो कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में शुरू हुआ था और मोदी सरकार ने उसे जारी रखा।

* सरकार बेनामी संपत्ति वालों को आधार के जरिए घेरने की तैयारी कर रही है, इसके लिए सभी राज्यों में आधार नंबर को राजस्व रिकॉर्ड से जोड़ने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।

* आधार कार्ड नंबर का इस्तेमाल अभी तक सरकारी सब्सिडी सही पात्र तक पहुंचाने के लिए हो रहा था, लेकिन अब ये बेनामी संपत्ति का पता लगा कर सरकार का खजाना भरने के काम भी आएगा।

 पीएम मोदी ने कहा था कि काला धन रखने वाले किसी भी आदमी को वो बख्शेंगे नहीं और ईमानदार को किसी तरह की तकलीफ नहीं होगी। मोदी सरकार का ये कदम अमल में लाए जाने के बाद विपक्ष की बोलती बंद हो जाएगी क्योंकि अभी तक नोटबंदी का विरोध करने वाले यही हवाला देते रहे कि काला धन रखने वाले बड़े खिलाड़ी नोटबंदी से प्रभावित नहीं हुए हैं क्योंकि उन्होंने अपने पैसे को पहले ही संपत्ति और सोने-चांदी से बदल लिया है। इस प्रक्रिया के शुरू होने के बाद बेनामी संपत्ति रखने वालों में खलबली मचना तय है।
 

इससे हर संपत्ति के असली मालिकों का पता लगाने में आसानी होगी और बेनामी संपत्तियों का भी खुलासा किया जा सकेगा। यह काम उसी तरह से होगा जैसे कि केन्द्र और राज्यों की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले फर्जी लाभार्थियों पर नकेल कसने के लिए किया जा रहा है।

अब ज्यादातर जगहों पर सिर्फ राज्यों से बाहर या विदेश में रह रहे लोगों के संबंध में ही जानकारी को अपडेट करने का काम बाकी है। यह काम पूरा कर लिए जाने के बाद किसी भी संपत्ति के असली मालिक का पता लगाना काफी आसान हो जाएगा। इसका मतलब ये हुआ कि अब उन लोगों का नंबर है जिन्होंने काले धन का इस्तेमाल बेनामी संपत्तियों को खरीदने में किया है।

loading...