'नीली क्रांति' के लिए तैयार है भारत, पैदा होंगे दो करोड़ नए रोजगार : नितिन गडकरी

बंदरगाह और नौवहन के मोर्चे पर भारत की विशाल क्षमता के मद्देनजर सरकार ‘नीली क्रांति’ को तेजी से आगे बढ़ाने को प्रतिबद्ध है। केंद्रीय जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इससे दो करोड़ रोजगार के अवसरों का सृजन किया जा सकेगा।

नीली क्रांति के करीब भारत
गडकरी ने कहा, ‘भारत नीली क्रांति के करीब है। देश के समुद्री और नदियों का आजादी के बाद से दोहन नहीं हो सका है। अब इसके दोहन का उचित समय आ गया है। नरेंद्र मोदी सरकार इसके विकास को लेकर प्रतिबद्ध है। हम कुछ ऐसी चीजें करेंगे, जो सोच से बाहर की हैं।’

'नीली क्रांति' के लिए तैयार है भारत, पैदा होंगे दो करोड़ नए रोजगार : नितिन गडकरी
‘नीली क्रांति’ के लिए तैयार है भारत, पैदा होंगे दो करोड़ नए रोजगार : नितिन गडकरी

दो करोड़ रोजगार अवसर पैदा होंगे
पहले सामुद्रिक सम्मेलन की सफलता से उत्साहित गडकरी ने कहा कि सागरमाला के जरिये एक करोड़ रोजगार के अवसरों के सृजन के अलावा जहाजरानी, राजमार्ग और अन्य क्षेत्रों में आसानी से एक करोड़ से अधिक और रोजगार के अवसरों का सृजन किया जा सकता है। जहाजरानी, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा, ‘नौकरियों का सृजन करना हमारा मकसद है। बंदरगाह, सड़क और जहाजरानी जैसे क्षेत्रों में रोजगार सृजन की व्यापक संभावनाएं हैं। मेरा मानना है कि सागरमाला के तहत एक करोड़ रोजगार के अवसरों के अलावा जहाजरानी, बंदरगाह, विनिर्माण क्षेत्रों में एक करोड़ से अधिक और रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।’

सभी महान सभ्यताएं नदियों और समुद्र के आसपास समृद्ध हुई
गडकरी ने कहा कि सरकार के इस क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने की उम्मीदें 14 और 15 अप्रैल को सिर्फ दो दिन में सामुद्रिक सम्मेलन में 12 अरब डॉलर के कारोबारी करारों के बाद कई गुना बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि 60 अरब डॉलर की 240 परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं, जिन्हें जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दुनिया की सभी महान सभ्यताएं नदियों और समुद्र के आसपास समृद्ध हुई हैं।

परिवहन का प्रभावशाली माध्यम बनेंगे जलमार्ग
गडकरी ने कहा, ‘भारत के पास 7,500 किलोमीटर की तटीय रेखा है और 14,000 किलोमीटर का अंतरर्देशीय जलमार्ग। हम अपने समुद्र और नदियों के मोर्चे पर उपलब्ध व्यापक क्षमताओं का दोहन करने के लिए काम कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि जलमार्ग न केवल परिवहन का एक प्रभावशाली माध्यम बनेंगे, बल्कि इनसे ऊंची लॉजिस्टिक्स लागत को भी कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि न केवल आंतरिक तौर पर इन क्षमताओं का दोहन किया जाएगा बल्कि बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों के साथ भी करार कर इनका लाभ उठाया जाएगा।

आठ नए बंदरगाह बनाए जाएंगे
गडकरी ने कहा, ‘हम देश में आठ नए प्रमुख बंदरगाह स्थापित कर रहे हैं। हम सिर्फ तीन नए बंदरगाहों पर 50,000 करोड़ रुपये खर्च करेंगे। इनमें वर्धावन महाराष्ट्र में नया बंदरगाह शामिल है, जिसके पहले चरण का निर्माण 9,167 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। दो अन्य नए बंदरगाह तमिलनाडु के कोलाचेन और पश्चिम बंगाल के सागर में स्थापित किए जाएंगे। गडकरी ने कहा, ‘निवेशकों का स्वागत है, वे हमसे हाथ मिला सकते हैं। हम बदले में उन्हें समान अवसर और रियायतें उपलब्ध कराएंगे।’

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