गरीबों के मकान का किराया खुद देगी मोदी सरकार

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गरीब तबके के लोगों की मदद के लिए केंद्र की मोदी सरकार अमेरिका सरीखी नैशनल रेंटल हाउजिग पॉलिसी लाने पर विचार कर रही है। इस स्कीम के तहत केंद्र सरकार गरीब लोगों को हाउजिंग वाउचर मुहैया करा सकती है।

केंद्र सरकार गरीब लोगों के मकान के किराये का एक हिस्सा खुद वहन करेगी और मकान मालिकों को राशि देगी।

शहरी आवास एवं विकास मंत्रालय की ओर से तैयार किया जा रहा यह ड्राफ्ट अपने आखिरी दौर में है और जल्दी ही इसे कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। इस प्रस्ताव को तैयार करने वाली समिति की अध्यक्षता शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू कर रहे हैं।

गरीबों के मकान का किराया खुद देगी मोदी सरकार
गरीबों के मकान का किराया खुद देगी मोदी सरकार

सरकार का मानना है कि इस नीति के दो फायदे होंगे, पहला यह कि ग्रामीण इलाकों से शहरों में आने वाले लोगों को सही आवास मुहैया कराया जा सकेगा। इसके अलावा स्लम इलाकों को खत्म करने में भी मदद मिलेगी।

मंत्रालय के एक सीनियर अफसर ने कहा, ‘गुजरात सरकार ने रेंटल हाउजिंग वाउचर का प्रस्ताव दिया था। इन्हें लाभार्थियों को किराया चुकाने या उसका कुछ हिस्सा अदा करने के लिए दिया जाएगा।’

अमेरिका में रेंटल हाउजिंग वाउचर स्कीम के तहत किरायेदारों के पास अपने लिए मकान चुनने का अधिकार होता है। इसके बाद स्थानीय सरकारी हाउजिंग एजेंसियां सीधे तौर पर संबंधित मकान मालिक को सरकार की ओर से जारी किए गए वाउचर दे देती हैं। बाद में जो किराया बचता है, वह लाभार्थी को चुकाना होता है।

एक सूत्र ने बताया कि नैशनल रेंटल हाउजिंग पॉलिसी के दो आधार होंगे, पहला यह कि सरकार सीधे तौर पर समाज के पिछड़े तबके के लोगों को मदद करेगी। इसके अलावा हॉस्टल्स, पीजी आदि को कवर किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इस आइडिया से किराये के उद्देश्य से मकानों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। एक अधिकारी ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि अनौपचारिक मकान अग्रीमेंट्स से औपचारिक अग्रीमेंट्स की ओर बढ़ा जाए। इस काम के लिए हम कमिटियों, एनजीओ और मोहल्ला समितियों की मदद लेंगे।’

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