महिला सुरक्षा की दिशा में मोदी सरकार का अहम फैसला

महिला सुरक्षा की दिशा में मोदी सरकार का अहम फैसला

2017 से मोबाइल में पैनिक बटन होगा अनिवार्य

नई दिल्ली, अप्रैल 26: महिलाओ को किसी भी संकट में तत्काल मदद पहुचाने के लिए देश में अगले साल से बिकने वाले सभी मोबाइल फोन में एक ‘पैनिक बटन’ होगा। केन्द्र सरकार ने इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी है। केन्द्रीय संचार एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार एक जनवरी 2017 से देश के बाजारों में बिना पैनिक बटन वाले मोबाइल फोन की बिक्री नहीं हो सकेगी।

संसद के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में मेनका गांधी ने कहा, ‘अंतत: हमने पैनिक बटन पा ही लिया। हम पिछले दो साल से इसपर काम कर रहे थे। मैंने प्रधानमंत्री से बात की और उन्होंने इसे बहुत गंभीरता से लिया और काम तुरंत हो गया। इसलिए हमें सारा श्रेय उन्हें देना चाहिए।’

अधिसूचना के अनुसार फोन निर्माताओं को फोन में पांच और नौ नम्बर के बटन पैनिक बटन बनाने होंगे। ये बटन दबाते ही संकट में फंसे मोबाइल धारक के पास पुलिस तत्काल पहुंच जाएगी। यही नहीं एक जनवरी 2018 से सभी मोबाइल में जीपीएस नैवीगेशन सिस्टम भी अनिवार्य कर दिया गया है। दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि 2018 की शुरुआत से बिकने वाले सभी फोनो में जीपीएस नैवीगेशन सिस्टम बना बनाया होना चाहिए।

प्रसाद ने यहां एक बयान में कहा कि प्रौद्योगिकी का एकमात्र उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना है और महिला सुरक्षा के लिए इसके इस्तेमाल से और बेहतर क्या होगा। एक जनवरी 2017 से बिना पैनिक बटन की व्यवस्था वाला कोई मोबाइल फोन नहीं बिकेगा। वहीं एक जनवरी 2018 से मोबाइल फोनों में बना बनाया (इनबिल्ट) जीपीएस भी होना चाहिए।

इस बारे में सरकार ने एक अधिसूचना 22 अप्रैल को जारी की गई है। इसके अनुसार एक जनवरी 2017 से देश में केवल वही फीचर फोन बिकेंगे जिनमें पांच या नौ नंबर बटन को लंबे समय तक दबाने पर इमरजेंसी कॉल का प्रावधान होगा। इसी तरह स्मार्टफोन में भी इमरजेंसी कॉल बटन का प्रावधान करना अनिवार्य है। एक जनवरी 2018 से सभी मोबाइल हैंडसेट में जीपीएस प्रणाली अनिवार्य की गई है।

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