छूट की वजह से एक व्यक्ति ने पुराने नोटों से चुकाया 45 लाख का बकाया बिजली बिल

हमारे देश में जनता हर समस्या का समाधान जुगाड़ करके निकाल लेती है. प्रधानमन्त्री के नोटबंदी के ऐलान के बाद जहां गरीब आदमी अपनी मेहनत से कमाई गई धनराशि को जमा कराने के लिए बैंकों के सामने कतारों में खड़ा है, वहीं अमीर इसका भी समाधान अलग-अलग तरीकों से निकाल रहे हैं.

लोग अपनी काली कमाई को सफ़ेद करने के लिए नये-नये हथकंडे अपना रहे हैं. इन सबके बीच कुछ विभागों को नोटबंदी की वजह से काफ़ी फायदा भी हुआ है. ऐसा ही एक विभाग है, लखनऊ इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई एडमिनिस्ट्रेशन (LESA). LESA में नोटबंदी के आदेश के बाद 10 नवम्बर से 15 नवम्बर के बीच 93 करोड़ रुपये के बकाया बिलों का भुगतान हो चुका है.

जहां पहले लोग अपने बिजली के बिल समय पर नहीं जमा करवाते थे, वहीं अब जनता अपने सालों पुराने बकाया बिलों का भुगतान करने आ रही है. विभाग के बाहर बिल जमा करने वालों की लम्बी-लम्बी लाइनें लगी हुई है.

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एक सज्जन तो अपने बकाया बिलों का भुगतान करते हुए 45 लाख रुपये कैश में जमा करवा गये. यहीं नहीं दो अलग-अलग लोगों द्वारा भी 27 लाख और 28 लाख रुपये कैश में जमा करवाने की सूचना आई है.

बिजली विभाग के ऑफिस के सामने बिल जमा करवाने वालों की इन लम्बी लाइनों की वजह है, 500 और 1000 के पुराने नोटों को लेकर कुछ स्थानों पर सरकार द्वारा दी गई छूट. सरकार ने सरकारी अस्पताल, दवाई की दुकानों, रेलवे स्टेशन और बिजली के बिल जमा करवाने के लिए 500 और 1000 के पुराने नोटों को चलाने की छूट दे रखी है.

Source: ndtv

काले धन को खत्म करने के लिए सरकार के द्वारा उठाये गये इस साहसी कदम के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से आ रही इस तरह की खबरें काफ़ी निराशा उत्पन्न करने वाली है. जहां आम आदमी सरकार के इस फ़ैसले को सपोर्ट करने के लिए घंटों बैंकों के सामने कतारों में खड़ा है, वहीं काला धन रखने वाले इस आदेश का तोड़ निकालने में लगे हैं.

Source: hindustantimes

Feature: गजब पोस्ट

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