दालों के बढ़ते दाम से खाने की थाली पर पड़ा असर

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दालों के बढ़ते दाम से खाने की थाली पर पड़ा असर

नई दिल्ली: अप्रैल के महिने में जहां एक तरफ भीषण गर्मी ने आमआदमी को बेहाल ओर बदहवास किया हुआ है वहीं दालों की कीमत में आए जबर्दस्त उबाल ने लोगों के पसीने छुड़ाए हुए हैं। हालात यह है कि जरूरी खाद्य सामग्री के दामों में आई जबर्दस्त तेजी ने जहां गृहणियों के घरेलू बजट को उथल-पुथल करके रख दिया है वहीं लोगों की थाली से दाल का जायका गायब होना शुरू हो गया है।

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बताया जा रहा है कि इन दिनों शादी-विवाह के मांगलिक आयोजनों की भरमार की वजह से दालों की मांग बढ़ी है और प्रमुख दालों की कीमतों में करीब 20 से 25 प्रतिशत का उछाल आया है। गर्मी के मौसम में दालों के दामों का आसमान छूना जहां गरीब की जेब को सीधेतौर पर प्रभावित कर रहा है वहीं दलहनों की कीमत में बढ़ोतरी ने लोगों की थाली को दालों की कमीं से सूना कर दिया है।

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दालों के बढ़ते दामों के बारे में किराना व्यापारी सत्येन्द्र जैन का कहना है कि पिछले लगभग दो माह के अंतराल में सभी दालों के दामों में 20 से लेकर 25 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। जिसके चलते जहां पिछले 2 माह पहले तुअर दाल 115 से 120 रूपये प्रतिकिलो थी वही वर्तमान में 150 रूपये किलो के दाम पर बिक रही है।

इसी प्रकार मूंग दाल दो माह में 90 रूपये से बढक़र 100 रूपये, उड़द दाल 140 रूपये से बढक़र 180 रूपये, मसूर दाल 80 रूपये से बढक़र 90 तथा चना दाल 70 रूपये प्रतिकिलो ग्राम से सीधे 85 रूपये प्रतिकिलों के भाव पर पहुंच गई है।

दालों की किमतों में बढ़ोतरी का प्रमुख कारण उत्पादन में कमीं, खपत में वृद्धि तथा माल भाड़ा किराए की बढ़ोतरी को बताया जा रहा है इसके अलावा शादी-ब्याह का सीजन भी दलहन के दामों को प्रभावित कर रहा है। व्यापारी जैन के अनुसार दालों की कीमत में उछाल का सिलसिला अभी कुछ दिनों इसी तरह बरकरार रहेगा और संभवत: मई माह के अंत तक दामों में वापस उतार शुरू हो जाएगा।

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