भारत-थायलैंड की नौसेनाओं के बीच अंडमान के निकट जारी है ‘कॉरपैट’ साझा अभ्यास

भारत-थायलैंड की नौसेनाओं के बीच अंडमान के निकट जारी है ‘कॉरपैट’ साझा अभ्यास

भारत-थायलैंड की नौसेनाओं के बीच अंडमान के निकट जारी है ‘कॉरपैट’ साझा अभ्यास

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पोर्ट ब्लेयर: पूर्णतया देसी तकनीक से विकसित की गयी मिसाइल रोधी युद्ध पोत आईएनएस कार्मुक भारत व थायलैंड के बीच होने वाले समन्वित गश्ती कार्यक्रम (इंडो-थाई को-ऑर्डिनेटेड पैट्रोल, ‘कॉरपैट’) में हिस्सा ले रहा है। इसके दौरान उसके साथ भारत का सामुद्रिक गश्ती हवाई जहाज ‘डॉर्नियर’ भी मौजूद होगा।

कॉरपैट कार्यक्रम का आयोजन अंडमान द्वीप समूह के पास 19-27 अप्रैल के बीच किया जा रहा है। ज्ञात हो कि थायलैंड भारत का पुराना दोस्त रहा है और अक्सर दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच युद्धाभ्यास, प्रशिक्षण व आदान-प्रदान होता रहा है।

इसी पुराने व मजबूत सामुद्रिक सहयोग के मद्देनजर भारत व थायलैंड की नौसेनाएँ अंतर्राष्ट्रीय समुद्री इलाके में ‘कॉरपैट’ नामक साझा अभ्यास वर्ष 2005 से करती आई है ताकि हिन्द महासागर क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिती बरकरार रहे और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए देसी-विदेशी जहाजों का आवागमन भयमुक्त वातावरण में हो सके।

बता दें कि कॉरपैट के कारण ही दोनों पड़ोसी देशों के नौसेनाओं के बीच परस्पर सहयोग एवं समझदारी बढ़ी है। अक्सर यह दोनों नौसेनाएँ समुद्री इलाकों में गैरकानूनी गतिविधियों पर साथ नजर रखती हैं और खोज़ी एवं बचाव अभियान बी चलाती हैं।

कॉरपैट के इस संस्करण में दोनों देशों की ओर से एक-एक युद्ध पोत तथा एक-एक गश्ती हवाई जहाजों का समावेश होगा। कार्यक्रम के अंत में एक 25-27 अप्रैल के बीच अंडमान निकोबार नौसेना कमांड के पोर्टब्लेयर में एक समारोह होगा। इस दौरान अंडमान-निकोबार कमांड के फ्लैग अफसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एड्मिरल बीके वर्मा तथा रॉयल थायलैंड नेवी के थर्ड नेवल एरिया कमांडर रियर एड्मिरल वारोंगकर्ण ओसाथानोंदा भी उपस्थित होंगे।

यह बात किसी से छिपी नहीं है कि पिछले कई सालों से भारत व थायलैंड के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक रिश्ते रहे हैं और इस तरह के साझा कार्यक्रम करने से दोनों देशों की सुरक्षा के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ती ही चली जाएगी तथा दोनों पड़ोसी देश समुद्री इलाकों में अपने हितों की रक्षा कर सकेंगे जिससे एक संतुलन बना रहेगा और अंतर्राष्ट्रीय आवागमन की स्थिति भी सुनिश्चित रहेगी।

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