गुलदस्ते की तरह सज रही है फूलों की घाटी, आपके आने का इंतजार रहेगा

गुलदस्ते की तरह सज रही है फूलों की घाटी, आपके आने का इंतजार रहेगा —> ‘देखा एक ख्वाब तो ये सिलसिले हुए, दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए…’ इस खूबसूरत गीत में कश्मीर की वादियों में ट्यूलिप के बगीचे का सुंदर दृश्य तो आपको याद ही होगा। अगर आपको फूलों से लगाव है और सिर्फ ट्यूलिप देखकर ही आपके दिल को संतुष्टि नहीं मिलती है तो इस बार चले आइए उत्तराखंड में ‘फूलों की घाटी’ आपने लिए सजकर तैयार हो रही है।

चमोली जिले में स्थित विश्व धरोहर फूलों की घाटी इस साल 1 जून को आम पर्यटकों और फूल प्रेमियों के लिए खुल जाएगी। चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन ने इसकी तिथि घोषित कर दी है। घोषणा की गई है कि 1 जून से 31 अक्टूबर तक फूलों की घाटी खुली रहेगी।

उस गीत में भले ही आपको कई प्रजातियों के ट्यूलिप नजर आते हों लेकिन, इस घाटी में 500 से ज्यादा प्रजातियों के फूल खिलते हैं। फूलों की घाटी विश्व धरोहर है। यहां 500 से अधिक प्रजाति के फूल खिले रहते हैं। हर साल श्री हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने के साथ ही फूलों की घाटी भी पर्यटकों के लिए खोल दी जाती है।

गुलदस्ते की तरह सज रही है फूलों की घाटी, आपके आने का इंतजार रहेगा
गुलदस्ते की तरह सज रही है फूलों की घाटी, आपके आने का इंतजार रहेगा

साल 2013 में आई आपदा के दौरान फूलों की घाटी में दो पुल टूट गए थे और पैदल मार्ग एक किलोमीटर से अधिक तबाह हो गया था। आपदा के बाद यह घाटी पर्यटकों के लिए 2013 में बंद रही थी।

साल 2014 में भी आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग व पुलों की मरम्मत न होने के कारण इस घाटी का दीदार पर्यटक नहीं कर पाए। साल 2015 में किसी तरह पैदल मार्ग और पुलों की मरम्मत करने के बाद यात्रा के अंतिम दिनों में पर्यटक एक महीने फूलों की घाटी की सैर कर पाए थे। तब भी पर्यटकों में आपदा का पूरा खौफ था। यही वजह रही कि साल 2015 में मात्र 60 पर्यटक ही फूलों की घाटी का दीदार कर पाए।

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