विदेशी प्रत्यक्ष निवेश को आकर्षित करने के मामले में भारत ने चीन को पछाड़ा

विदेशी प्रत्यक्ष निवेश को आकर्षित करने के मामले में भारत ने चीन को पछाड़ा

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ई दिल्ली, अप्रैल 22: अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों व उद्योगों से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने के मामले में भारत ने वर्ष 2015 में चीन को पछाड़ दिया है। गौरतलब है कि आज भारत का अनुमानित विकास दर 7.3-7.5% ही और यही बात भारत को दुनियाभर में निवेश के लिए आकर्षण का केंद्र बनाए हुए है।

भारत ने अकेले ही वर्ष 2015 में 63 अरब डॉलर यानि लगभग 4.20 लाख करोड़ रु के परियोजनाओं के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पाये। भारत सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में एफ़डीआई की सीमा बढ़ाने तथा आसान शर्तों पर व्यापार शुरू करने देने एवं मेक इन इंडिया मुहिम के चलते यह सफलता पायी है।

चीन की मंद पड़ती रफ्तार के मुक़ाबले यहाँ बढ़े हुए पूंजी निवेश के कारण भारत में 2015 में ही दो लाख नई नौकरियाँ बढ़ी जो 2013 में सिर्फ 1 लाख ही थी। गौरतलब है पिछले कुछ महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने रक्षा क्षेत्र से लेकर निर्माण क्षेत्र, कोयला, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र, ऑइल व प्राकृतिक गैस के मामले में कई सारे कई नए सुधारवादी कदम उठाए हैं।

इस संदर्भ में वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने भी ट्वीट कर बताया कि कैसे भारत सरकार पारदर्शी नीतियों व सुधारवादी निर्णयों के बलबूते भारत में विकास की बयार बहाने को लेकर प्रयत्नशील हैं।

भारत में सबसे अधिक विदेशी निवेश गुजरात के खाते में गया जो कि 12.4 अरब डॉलर है। विदेशी निवेश खींचने के मामले में अमेरिका का स्थान 59.6 अरब डॉलर के साथ दूसरा व चीन का स्थान 56.6 अरब डॉलर के साथ तीसरा है। विदेशी रेटिंग एजेंसियों व संस्थानों के मानकों पर भी भारत का कद इस वक़्त बढ़ा हुआ है।

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