अफ़वाहों का बाज़ार गर्म है, क्या आपको पता है 10 रुपये के असली और नकली सिक्के में फ़र्क?

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कॉलेज या ऑफिस के साथ वाली चाय की दुकान से जैसे ही चाय पीने के बाद आप दुकानदार को 10 रुपये का सिक्का पकड़ाते हैं, वो झट से उसे नकली कह कर लेने से मना कर देता है. ऐसी सूरत में दुकानदार से कई बार बहस होने के बावजूद आखिर में हार मान कर उसे दूसरा नोट पकड़ाना पड़ता है. वैसे तो ये बात हम उसी समय भूल जाते हैं और सिक्के का इस्तेमाल किसी और दुकान पर कर लेते हैं. दिल्ली में 10 के नकली सिक्के बनाने वाले गिरोह के बारे में आपने अख़बारों या न्यूज़ चैनलों में देखा ही होगा. इसके बावजूद हम इस बात पर गौर नहीं करते कि आखिर एक चाय वाला कैसे बता देता है कि कौन-सा सिक्का असली है और कौन-सा नकली? अफ़वाहों का ये दौर कुछ इस कदर गर्म है कि कई शहरों में 10 रुपये के सिक्के ही बंद हो गए हैं, जबकि बैंक अधिकारी इस बात को साफ़ तौर पर नकार चुके हैं. इस अफ़वाह के बारे में बैंक के एक अधिकारी आर. सी. नायक का कहना है कि “अगर कोई व्यक्ति 10 के सिक्कों को लेने से मना करता है, तो उस पर आईपीसी की धारा 489A और 489E के तहत केस दर्ज किया जायेगा.”

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बज़ार में असली और नकली सिक्कों की अफ़वाहों का खंडन करते हुए मध्य प्रदेश के नागदा के SDM रिजू बाफना ने इसे कुछ शरारती तत्वों की साजिश बताया. रिज़र्व बैंक खुद इस बाबत एक एडवाइज़री जारी कर चुका है, जिसमें उसने दोनों तरह के सिक्कों को असली बताया है.

रिज़र्व बैंक के मुताबिक 10 रुपये के सिक्कों का चलन 2005 से शुरू हुआ था, जिसकी वजह से 2011 से पहले बने सिक्कों पर रुपये का चिह्न नहीं था और इन सिक्कों में 15 लकीरें होने के साथ ही 10 रुपये का अंक बीच के सफेद मेटल में छपा है.

जबकि बाज़ार और सोशल मीडिया में जो अफ़वाहें फैली हुई हैं उनके अनुसार-

असली सिक्के के ऊपर रुपये का चिन्ह बताया गया है, जबकि नकली सिक्के के बारे में ये कहा जा रहा है कि इस पर केवल 10 का अंक लिखा हुआ है.

ऐसे ही असली सिक्के के बारे में कहा जा रहा है कि इसके अंक के ऊपर 10 पट्टियां बनी हुई हैं, जबकि नकली सिक्के में नकलदारों ने 15 पट्टियां बनाई हैं.

इतना ही नहीं असली और नकली सिक्कों की पहचान के लिए यहां तक कहा गया कि असली सिक्के के दोनों ओर भारत और इंडिया लिखा हुआ है, जबकि नकली सिक्के में ये एक साथ ऊपर की तरफ लिखा हुआ है.

खैर, इन अफ़वाहों के बीच आप बस इतना याद रखें कि इन्हें लेकर रिज़र्व बैंक के पास केंद्र सरकार का कोई नोटिस नहीं आया है. यदि कोई व्यक्ति इन सिक्कों को लेने से मना करता है, तो इसे भारतीय मुद्रा का अपमान माना जायेगा, जिसके लिए कानूनी कार्यवाही का प्रावधान है. इसके साथ ही आप इसकी शिकायत डीएम से भी कर सकते हैं.

Image Source: patrika

Source: prbhatkhabar

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