राजा का सिंहासन और चार लाशें! तैयार हो?

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सबसे पहले तो ये जान लो कि मैं यहाँ टीवी के मशहूर सीरियल गेम ऑफ़ थ्रोन्स की बात नहीं कर रहा!

और ना ही यहाँ कोई ख़ून-ख़राबा होने वाला है!

यहाँ बात होगी आपके करियर की!

हैरान हो?

होना जायज़ भी है क्योंकि करियर में लाशों और राजा के सिंहासन की बात कहाँ से आती है, है ना?

मैं समझाता हूँ|

राजा का सिंहासन और चार लाशें! तैयार हो?
राजा का सिंहासन और चार लाशें! तैयार हो? 

यहाँ राजा का सिंहासन बता रहा है आपकी तरक्की और किस कुर्सी पर आप जा के बैठना चाहते हो या बैठ पाओगे! और लाशों से मेरा मतलब है कि किस को पीछे छोड़ के, किस को पछाड़ के आगे जा पाओगे!

याद रखो दोस्तों, करियर में आगे बढ़ने के लिए सिर्फ़ अपना काम ठीक से कर लेना ही काफ़ी नहीं होता| और भी लोग हैं और होंगे आपके ऑफ़िस में जो आप जैसा ही अच्छा काम करते होंगे| फिर उन्हें छोड़ कर आपको ही तरक़्क़ी क्यों मिले? आप ही प्रमोट होकर मैनेजर या डायरेक्टर या सी ई ओ क्यों बनें?

इसका जवाब है कि आगे बढ़ने के लिए कई लोगों को मात देनी होगी, कई लोगों के सर पर पाँव रखकर ऊपर चढ़ना होगा! और ये बिलकुल भी ग़लत नहीं है! क्योंकि अगर आपने ये नहीं किया तो कोई और आपको पीछे छोड़ जाएगा, कोई और आपके सर पर चढ़ जाएगा!

सर्वाइवल ऑफ़ द फिट्टेस्ट! सुना है ना इसके बारे में? तो इतना जाना लो कि अपना काम बख़ूबी से करना होगा और अपने सीनियर्स को बताना भी होगा कि आप अपने काम में कितने अच्छे हैं! जानबूझकर किसी का नुक्सान मत करना लेकिन अपना नुक्सान भी होने नहीं देना! हो सकता है प्रमोशन की दौड़ में आपका सबसे अच्छा कलीग या दोस्त ही हो, तब क्या करोगे? बस ये सोचो कि क्या वो आपको अपने से आगे जाने देगा? नहीं ना? तो फिर जवाब आसान है!

एक राजा के सिंहासन के चार पाँव होते हैं और हर पाँव के नीचे एक लाश होती है! ये एक पुरानी कहावत है और दर्शाती है कि आगे बढ़ने के लिए, सत्ता अपनाने के लिए आपको कई लोगों से लड़ कर आगे बढ़ना होगा!

आज के ज़माने में ख़ून तो बहा नहीं सकते लेकिन ज़रूरी बात यही है कि साम, दाम, दंड, भेद चाहे जो करना पड़े, उसके लिए तैयार रहो! और अगर लगता है कि नहीं कर सकते तो राजा बनने के सपने छोड़ दो, जो मिल रहा है, जहाँ हो, उतने में खुश रहो!

साफ़ सी बात यही है कि कम्पटीशन बहुत सख़्त है, हर किसी को आगे बढ़ना है, जीतना है, कुछ हासिल करना है! ऐसे में कोई सही रास्ता अपनाएगा, कोई ग़लत! आपकी कोशिश यही रहनी चाहिए कि सही रास्ता अपनाईये क्योंकि ग़लत रास्ता दूर तक नहीं जाता| मगर सही रास्ता अपनाकर भी यह मत भूलिए कि हर फ़ैसला दिमाग़ से लेना होगा, दिल से नहीं! हो सकता है कुछ ऐसे कड़े फैसले लेने पड़ें जिनसे कंपनी का तो फ़ायदा हो, लेकिन कुछ दोस्तों की नौकरी पर बात बन आये! या तो आप फ़ैसला लेंगे या आपकी जगह कोई और!

करियर में आगे बढ़ने के लिए आपको लोगों की ही ज़रुरत रहेगी लेकिन कभी-कभी उन्हें ही अपने रास्ते से हटाना होगा! किसे रखना है और किसे हटाना है, ये ही तय करेगा कि आप कितने आगे जाएँगे!

सोच समझकर क़दम रखिये, हिमालय की चोटी पर हर किसी के लिए जगह नहीं होती!

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