70 प्रतिशत देशवासी चाहते हैं कि कार्यकाल पूरा होने के बाद मोदी फिर से बने प्रधानमंत्री

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70 प्रतिशत देशवासी चाहते हैं कि कार्यकाल पूरा होने के बाद मोदी फिर से बने प्रधानमंत्री

नई दिल्ली: सत्ता में दो साल पूरा करने जा रही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के कामकाज को लेकर एक नया सर्वे सामने आया है। इस सर्वे में शामिल करीब 50 प्रतिशत लोगों ने कहा कि दो साल के दौरान कोई बदलाव नहीं आया है। इसके अलावा 15 प्रतिशत का मानना है कि इस दौरान स्थिति खराब ही हुई है।

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सेंटर फॉर मीडिया स्‍टडीज (सीएमएस) की तरफ से कराए गए इस सर्वे में दावा किया गया कि सर्वे में शामिल करीब 43 प्रतिशत लोगों ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में गरीबों को सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का फायदा नहीं मिल पा रहा है। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता अभी भी बरकारार है। सर्वे में शामिल करीब 62 प्रतिशत लोग बतौर प्रधानमंत्री मोदी के परफॉर्मेंस से खुश हैं और 70 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद वह फिर से प्रधानमंत्री बनें।

इस सर्वे में 15 राज्‍यों की शहरी और ग्रामीण आबादी को शामिल किया गया था और कुल चार हजार लोगों की राय जानी गई थी। इसमें कहा गया, ‘जब लोगों से पूछा गया कि दो साल पहले उनकी जो स्थिति थी, क्‍या आज उसमें कोई सुधार हुआ है, तो 49 प्रतिशत ने कहा कि किसी तरह का बदलाव नहीं आया है। इसके अलावा 15 प्रतिशत ने कहा क‍ि स्थिति पहले के मुकाबले और खराब हुई है।’

लोकसभा के पूर्व सेक्रटरी जनरल सुभाष सी कश्‍यप ने शनिवार को इस सर्वे के नतीजों को जारी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी छवि अभी भी काफी अच्‍छी है और बड़ी आबादी उनके परफॉर्मेंस को पसंद कर रही है। सर्वे में सिलसिलेवार तरीके से सरकार से जुड़ी कई बातें बताई गईं जिनका जिक्र इस प्रकार है:

टॉप पांच मंत्री: सुषमा स्‍वराज, राजनाथ सिंह, सुरेश प्रभु, मनोहर पर्रिकर, अरुण जेटली।

अच्‍छा प्रदर्शन नहीं करने वाले मंत्री: राम विलास पासवान, बंडारू दत्‍तात्रेय, राधा मोहन सिंह, जेपी नड्डा और प्रकाश जावडेकर।

अच्‍छा प्रदर्शन करने वाले मंत्रालय: रेलवे, वित्‍त और विदेश मंत्रालय।

अच्‍छा प्रदर्शन नहीं करने वाले मंत्रालय: श्रम और रोजगार, कानून, ग्रामीण विकास, उपभोक्‍ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण और सामाजिक न्‍याय और सशक्‍तीकरण।

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