24 के बाद नहीं बदले जाएंगे पुराने नोट, जनधन खातों में ब्लैक मनी खपाने वाले नपेंगे

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नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद पुराने नोट बैंकों और पोस्ट ऑफिस के जरिए बदलने की सुविधा का दुरुपयोग हो रहा है। सरकार इसे लेकर बड़ा कदम उठा सकती है। सूत्रों के मुताबिक सरकार 24 नवंबर के बाद नोट बदलने पर रोक लगा सकती है। दूसरी तरफ वित्त मंत्रालय ने बयान जारी कर उन लोगों को चेतावनी दी है जो जनधन खातों का इस्तेमाल काले धन सफेद करने के लिए कर रहे हैं।

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source: news18india
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सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक 24 नवंबर के बाद नोट बदलने पर रोक लग सकती है। बता दें कि 24 नवंबर नोट बदलने की आखिरी तारीख है। सरकार इस समय सीमा को आगे नहीं बढ़ाना चाहती। खबरों के मुताबिक बैंक इस रविवार को भी खोलने पर फैसला संभव है। अगर बैंक खुले तो नोट बदलने पर रोक पहले ही लग सकती है।

वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को उन लोगों को चेतावनी दी जो अपना कालाधन दूसरों के खाते में जमा करा रहे हैं या इसकी ताक में हैं। मंत्रालय ने कहा है कि इस मामले में वह व्यक्ति भी कार्रवाई के दायरे में होगा जिसके खाते का दुरुपयोग किया जा रहा है। वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा कि कुछ लोगों द्वारा अपने कालेधन को दूसरों के खाते में जमाकर टैक्स से बचने की कोशिश आयकर और जुर्माने की वजह बनेगी।

मंत्रालय ने एक प्रेस नोट में कहा है कि यह साफ किया जा रहा है कि कर बचाने की ऐसी गतिविधियां आयकर और जुर्माने की वजह बनेंगी जिसमें साबित हो जाएगा कि खाते में जमा धन खाताधारक का न होकर किसी अन्य का है। साथ ही उस पर भी आयकर अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी जिसने अपने खाते का ऐसा दुरुपयोग होने दिया।

सरकार ने इसके पहले ऐलान किया था कि दस्तकारों, श्रमिकों, गृहिणियों द्वारा जमा कराए गए 2.5 लाख तक के रुपयों के बारे में आयकर विभाग द्वारा पूछताछ नहीं की जाएगी क्योंकि यह राशि आयकर छूट की सीमा के दायरे में आती है। प्रेस नोट में कहा गया है कि सरकार को सूचना मिली है कि कुछ लोग अपना कालाधन बचाने के लिए दूसरों के खाते का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह गतिविधि जन-धन खाते में भी देखी गई है।

बयान में कहा गया है कि लेकिन, ऐसे ईमानदार लोग जिन्होंने अपने घर में पैसे बचाकर रखे थे और उसी धन को वे जमा करा रहे हैं, उनसे कोई पूछताछ नहीं होगी। प्रेस नोट में लोगों से अपील की गई है कि वे अगर ऐसी गतिविधि देखें तो उसकी जानकारी आयकर विभाग को दें।

इससे पहले दिन में वित्त मंत्रालय ने इन अफवाहों पर ध्यान नहीं देने का आग्रह किया था कि बैंक लॉकर सील किए जाएंगे या आभूषणों को जब्त किया जाएगा। साथ ही बताया कि 2000 के नए नोट को इंटैगलियो तकनीक से छापा गया है। इसके वैध होने की पहचान यह है कि रगड़ने पर यह टर्बो इलैक्ट्रिक प्रभाव छोड़ता है और इस वजह से इसका रंग हल्के रूप में कपड़े पर दिख सकता है।

सीएनबीसी-आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सभी बैंकों को चिट्ठी भेजी है और कहा है कि उनकी जितनी सहयोगी कंपनियां हैं उनमें जो भी कैश बैलेंस हैं उसकी जानकारी दें। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 8 नवंबर को मौजूद कैश की जानकारी मांगी है। बैंकों को पुराने नोट जमा होने की तारीख खत्म होने के बाद के कैश बैलेंस भी बताने होंगे।

सूत्रों का कहना है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से सभी ट्रस्ट और सोसायटी को भी चिट्ठी लिखी गई है। ट्रस्ट और सोसायटी की ओर से चलाए जाने वाले सभी संस्थानों में कैश बैलेंस की जानकारी मांगी गई है। बताया जा रहा है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को ट्रस्ट, सोसायटी और सहयोगी कंपनियों के जरिये काले धन को सफेद करने की रिपोर्ट मिली है।

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