दास्तान 1965 के जंग की जब पाकिस्तानियों को खदेड़ते हुए लाहौर तक पहुंचा था भारत

दास्तान 1965 के जंग की जब पाकिस्तानियों को खदेड़ते हुए लाहौर तक पहुंचा था भारत

Prev1 of 4Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

हमारा यह अथक प्रयास रहता है कि स्वस्थ खबरों के साथ भारत के उन पराक्रमी वीरों की अनसुनी गाथाएं आपसे साझा करें, जिन्हे इतिहास के पन्नों में कहीं भुला दिया गया है। आज इसी श्रृंखला में भारतीय सेना की 1965 के पाकिस्तान से युद्ध की वह महानतम शौर्य प्रस्तुत करने जा रहा हूं, जब भारत के वीर सपूतों ने पाकिस्तान के सीने लाहौर पर तिरंगा लहराकर बहादुरी की एक नई इबारत लिख दी थी।

1

अगर देखा जाए तो 1965 का भारत-पाक युद्ध दो पड़ोसी देशों के बीच एक ऐसी जंग थी, जहां पूरे विश्व के समकक्ष खुद के ताक़त का प्रदर्शन करना था। बेशक यह एक ऐसी जंग थी, जहां दोनों ही मुल्क अपने सशस्त्र बलों और हथियारों में इज़ाफ़ा कर एक दूसरे पर दबाव डालने का प्रयास कर रहे थे।

लेकिन भारत के लिए यह जंग उसके आत्मसम्मान से बढ़कर थी। कश्मीर, जो आज भी भारत के नक्शे पर ताज़ की तरह गौरवान्वित है, उसे पाकिस्तान के नापाक सपनों के लिए हरगिज़ कुर्बान नहीं किया जा सकता था। 

Prev1 of 4Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

loading...

Facebook Comments

You may also like

20 साल का इंतजार अब होगा खत्म, आर्मी जवानों को मिलेंगे ‘मॉर्डन हेलमेट’, जानिए क्या होगा खास

Op इंडियन आर्मी को भी अब अपनी रक्षा